CCTV फुटेज से खुलासा, मुरैना हिंसा में भाड़े पर बुलाए गए थे पॉलीटेक्निक के 150 छात्र

मुरैना।

दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश के मुरैना में जमकर उत्पाद हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने बाजार से लेकर रेलवे ट्रैक तक जमकर बवाल  मचाया था, जिसके चलते यहां जनहानी हुई थी। हादसे के बाद से ही पुलिस मामले की जांच मे जुटी हुई है। इसी बीच नया खुलासा सामने आया है कि इस उपद्रव का नेतृत्व करने के लिए पॉलिटेक्निक हॉस्टल के 150 छात्रों को बुलाया गया था। लेकिन खास बात तो ये है कि पुलिस ने अभी तक इस पर कोई एक्शन नही लिया है।किसी भी छात्र पर कोई कार्रवाई नही की गई है।इसको लेकर पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े होने लगे है। मीडिया मे आते ही मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है छात्रों पर जल्द कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

जानकारी के अनुसार, बंद के दौरान हुए इस उपद्रव में पॉलिटेक्निक हॉस्टल के करीब १५० छात्र शामिल हुए थे। इसका खुलासा पॉलिटेक्निक के सीसीटीवी फुटेज से हुए है । फुटेज के अनुसार,  दो अप्रैल की सुबह 10.30 से 11.30 बजे के बीच चार बाहरी लोग पॉलिटेक्निक हॉस्टल पहुंचे थे। कुछ देर बाद तीनों हॉस्टल से करीब 150 से अधिक छात्र लाठी, डंडे व सरिए लेकर निकले और अंबाह तिराहे होकर रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे । वीडियो फुटेज में छात्रों के हाथों में नीले व सतरंगी झंडे भी दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि इन छात्रों ने पहले तो भीड़ का नेतृतव किया था और फिर पुलिस पर पथराव व फायरिंग भी करवाई। इस खुलासे को पॉलिटेक्निक प्रशासन ने उजागर किया है। उन्होंने प्रशासन को इसके सीसीटीवी फुटेज देकर कार्रवाई करने की बात कही है। लेकिन इन सभी सबूतों और गवाहों के बावजूद भी पुलिस द्वारा अब तक छात्रों पर कोई कार्रवाई नही की गई है। किसी भी हॉस्टल के छात्र को आरोपी नहीं बनाया गया है। 

वही आईजी मकरंद देउस्कर का कहना है कि भारत बंद के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पूरे प्रदेश में 141 मामले दर्ज हुए और 361 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। जहां-जहां से सोशल मीडिया पर पोस्ट हुए हैं, वहां वहां कार्रवाई चल रही हैं। लेकिन इस कार्रवाई के बारे में कुछ नही कहा।