रेत माफिया का खौफ, फरियादी बनने से भी पीछे हट रहे अफसर

मुरैना

एक तरफ मुरैना में हुई डिप्टी रेंजर सुबेदार सिंह की मौत के बाद सरकार घिरी हुई है, विपक्ष लगातार हमले बोल रहा है, रेत माफियाओं के प्रदेश में हौंसले बुलंद की बात कर रहा है वही दूसरी तरफ वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।विभाग में डिप्टी रेंजर का फरियादी बनने पर विवाद खड़ा हो गया है। डिप्टी रेंजर की हत्या की एफआईआर पर वन विभाग के अधिकारियों ने हाथ खींच लिए है। रेफ माफियाओं के खौफ से कोई एफआईआर की कॉपी पर हस्ताक्षर करने को तैयार नही है।

वही वन विभाग के अधिकारी छोटे कर्मचारियों पर फरियादी बनने का दबाव बना रहे है। लेकिन वोट मैन इस बात से इंकार कर रहे है। उनका कहना है कि उन्हें फरियादी नही गवाह बनायाा जाए। वे गवाही के लिए तैयार है, और उनके साथ और भी कई लोग है। वोट मैन का  आरोप है कि मैं दलित हूँ इसलिए अधिकारी उसे फरियादी बनने का दबाब बना रहे है। अगर वह फरियादी बना तो रेत माफिया उसे भी कुचल देंगें । 

 दरअसल, रोज की तरह शुक्रवार की सुबह मुरैना के डिप्टी रेंजर सूबेदार सिंह कुशवाह NH-3 पर स्थित वन चैक पोस्ट पर तैनात थे।  इसी दौरान रेत की अवैध खुदाई करके माल ढो रही एक ट्रैक्टर ट्रॉली को उन्होंने रोकने की कोशिश की तो, दूसरे ट्रैक्टर पर सवार लोगों ने उन्हें पीछे से टक्कर मार कर रौंद दिया।घटना के बाद साथी अधिकारी उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे,डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।जिसकों लेकर अब विपक्ष सरकार पर तीखें हमले बोल रही है।विपक्ष द्वारा सरकार पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगा है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी देवेन्द्र गुर्जर को गिऱफ्तार कर लिया है।आरोपी गडोरा गांव का रहने वाला है।बताया जा रहा है कि पकड़ने गई पुलिस पर भी आरोपी ने कट्टे से फायर किए थे, हालांकि किसी को गोली नही लगी।मामला सिविल लाइन थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से बाकी के साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है।



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