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ग्वालियर-चंबल हिंसा : CS और DGP ने माना चूक हुई, भाजपा नेता ने घेरा

ग्वालियर/मुरैना/भिंड। 

दलित आंदोलन के दौरान ग्वालिर, भिंड औऱ मुरैना में जमकर हिंसा हुई थी। इसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी, वही तनाव के चलते यहां कर्फ्यू लगाया गया था।इसी सिलसिले में हालातों औऱ मौतों की समीक्षा करने शुक्रवार को मुख्य सचिव और डीजीपी यहां पहुंचे थे।पहले उन्होंने भिंड का दौरा किया, फिर मुरैना पहुंचे और देर शाम ग्वालियर में दौरा कर मामले की जांच की। समीक्षा के बाद मुख्य सचिव और डीजीपी  ने माना है कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा मे चूक हुई थी , जिसके चलते हालात बेकाबू हो चले थे। अगर समय रहते हालातों पर काबू पाया जा सकता तो शायद इतनी हिंस ना भड़कती।दौर के बाद से ही  ग्वालियर में कर्फ्यू को 2 घंटे से बढ़ाकर 16 घंटे कर दिया गया है।

वही दोनों ने समीक्षा बैठक मे कहा कि अब आगे भारत बंद, अंबेडकर जयंती और परशुराम जयंती पर फोकस करना होगा। इस बार सुरक्षा में कोई चूक ना होने पाए।

सीएस ने दिए निर्देष

समीक्षा बैठक के बाद सीएस बीपी सिंह ने एसपी और कलेक्टर को निर्देश दिए कि आरोपियों को चिहिन्त किया जाए और उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।कोई भी हिंसा में शामिल आरोपी बचना नही चाहिए। वही इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि कोई भी बेगुनाह इसमें फंस ना पाए, अगर ऐसा होता है तो प्रशासन की ना सिर्फ छवि खराब होगी वरन पूरी कार्रवाई बेकार चली जाएगी।

भाजपा नेता ने उठाए सवाल

भिंड के विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह ने कहा कि ये हिंसा योजनाबद्ध रही, इसी के कारण ऐसे हालात बने, लोगों की मौत हुई, लोग हाथों में लाठी,डंडे और सरिये लेकर सरेआम घूमते रहे लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें नही रोका गया। क्या कारण था कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नही रोका औऱ हिंसा को भड़कने दिया।साथ ही उन्होंने कर्फ्यू लगाने पर कहा कि यहां कल भी शांति थी और आज भी शांति है इसलिए यहां कर्फ्यू लगाने की जरुरत नही।  हालांकि विधायक की बात सुनकर दोनों अफसरों ने चुप्पी साध ली लेकिन मीडिया से चर्चा में इतना जरूर बोले कि-हम भिंड के हालातों का विश्लेषण करेंगे। वही लहार विधायक ने कहा कि अंबेडकर जयंती और परशुराम जयंती पर  जुलुस  नही निकालना चाहिए। इसके साथ ही मेहगांव विधायक मुकेश चौधरी ने भी कहा कि-भिंड में अफसरों का खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल रहा, जिसकी वजह से हालात बिगड़े। 


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