विरोध से बचने छिप रहे नेता, 'धधकते’ चंबल में कमलनाथ ने की सभा

मुरैना। प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में एक ओर जहां एससी-एसटी एक्ट को लेकर सवर्णों का विरोध जारी है। ऐसे में सरकार के मंत्री एवं भाजपा नेता ग्वालियर-चंबल के दौरे पर जाने से बच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विपरीत हालात में भी भिंड-मुरैना में चुनावी सभा करने जा पहुंचे। सोमवार दोपहर 1 बजे से उन्होंने लहार में सभा ली। इसके बाद शाम 4 बजे मुरैना में आम सभा को संबोधित। इससे पहले एसस-एसटी एक्ट का विरोध करने वालों ने मुरैना में कमलनाथ समेत अन्य कांग्रेस नेताओं के पोस्टरों पर कालिख पोती। हालांकि इस दौरान कांग्रेस में गुटबाजी भी देखने को मिली। खास बात यह है कि कमलनाथ की दोनों सभाओं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया गैर हाजिर रहे। 

कमलनाथ के दौरे के चलते कांग्रेस ने मुरैना को बंद से मुक्त रखा है। इसके लिए जिला कांग्रेस की ओर से मुरैना बंद को वापस लेने के लिए सूचना जारी की गई। नाथ के दौरे से पहले मुरैना कांग्रेस में गुटबाजी भी देखन को मिली। यहां एससी-एसटी एक्ट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कमलनाथ के पोस्टरों पर कालिख पोत दी। ग्वालियर-चंबल अंचल में कमलनाथ ऐसे समय में प्रवास पर गए जब सवर्ण एससी-एसटी एक्ट के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। यहां हर किसी नेता को काले झंडे दिखाए जा रहे हैं और विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐेसे में विरोध के बीच भिंड एवं मुरैना पहुंचे कमलनाथ को विशेष सुरक्षा प्रदान की गई। वे दोनों सभाओं को संबोधित करने के लिए हेलीकॉप्टर से गए। 

जहां ज्यादा विरोध, वहीं कमलनाथ की सभा

एससी-एसटी एक्ट का सबसे ज्यादा विरोध ग्वालियर-चंबल संभाग के भिंड-मुरैना और ग्वालियर जिले में हो रहा है। इन दानों जिलों में सवर्ण एससी-एसटी एक्ट के विरोध में खुलकर सड़क पर उतर आए हैं। ऐसी स्थिति में भाजपा नेताओं ने दौरे निरस्त कर दिए हैं। तब कमलनाथ ने सभा करने जा पहुंचे। चूंकि लहार वरिष्ठ विधायक डॉ गोविंद सिंह का गढ़ हैं। वहां उन्होंने सवर्णों से किसी तरह का आंदोलन नहीं करने की अपील की है। जबकि मुरैना में रामनिवास रावत एवं अन्य नेताओं ने कमलनाथ की सभा को सफल कराने का मोर्चा संभाला।