बंद के दौरान छपवाए गए थे पोस्टर-पंपलेट, बैठके कर किया गया था SC-ST वर्ग का ब्रेनवॉश

मुरैना

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट मे बदलाव किए जाने को लेकर बीते दो अप्रैल को देशभऱ में भारत बंद का ऐलान किया गया था। इस दिन देशभऱ में विरोध प्रदर्शन हुए और जगह जगह हिंसा भड़की। दूसरे राज्यों के साथ ये प्रदर्शन की आग मध्यप्रदेश में भी आ पहुंची। प्रदेश के ग्वालियर-चबंल इलाके में जमकर हिंसा फैली। आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई। कई सरकारी वाहनों में आग लगाई गई और कईयों पर गोली चलाई गई। इस हिंसा में लगभग आठ लोगों की मौत हो गई औऱ करीब सौ से अधिक घायल हो गए।

 जब इस मामले मे जांच की गई थी तो ग्वालियर में खुलासा हुआ था कि ये पूरा प्लान पहले से तय था, इसके लिए बाहर से लोग बुलाए गए थे और उन्हें लाठी-डंड़ों के साथ पैसे दिए गए थे।वही ये भी बात सामने आई थी कि इसके लिए फडिंग की गई थी, लेकिन पुलिस अभी तक पता नही कर पाई है कि ये फंडिंग बाहर से की गई थी या स्थानीय लोगों द्वारा की गई थी। लेकिन इसी बीच मुरैना से भी  एक और खुलासा सामने आया है। खुलासे में सामने आय़ा है कि ये हिंसा पहले से ही संगठित थी  औऱ बकायदा इसके लिए पोस्टर-पंपलेट बटवाएं गए थे। कई दीवारों पर इन पोस्टरों को भी देखा गया है। खास बात तो ये है कि ये पंपलेट और पोस्टर केवल वही बंटवाए गए थे जहां एससी-एसटी के लोग रहते है।पोस्टर बांटने वालों ने केवल उन्ही बस्तियों को टारगेट किया गया था जहां एससी-एसटी कोटा ज्यादा है। ये पोस्टर एक आर्गनाईजेशन के माध्यम से छपवाए गए थे। जिसमें इस पोस्टरो का नेतृत्व करने वाला का नाम भी लिखा गया था। हालांकि इनमें से कुछ लोगों को पहले ही आरोपी बनाया जा चुका है और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। 


स्थानीय लोगों की माने तो केवल पोस्टर या पंपलेट ही नही बल्कि सोशल मीडिया पर कई ग्रुप बनाकर भी इसके लिए तैयार किया गया था। इसमें नए लोगों को शामिल किया गया था ताकी उन्हें कोई पहचान ना सके।इसके लिए हफ्तों तक बस्तियों और निचले इलाकों में जा जाकर बैठके की गई और लोगों को इस आंदोलन के लिए भड़काया गया । इस मामले में पुलिस ने  डीएसएमएम के प्रदेश संयोजक जेके पिप्पल, जाटव महासभा के सलाहकार रामहेत पिप्पल, वाल्मीकि महापंचायत के अध्यक्ष विजय कड़ेरे, अंतरराष्ट्रीय भीम सेना के सोनू जोनवार, अजाक्स छात्र संघ के अध्यक्ष सोनू मौर्य, अजाक्स मुरैना के जिलाध्यक्ष राजवीर अग्निहोत्री के नाम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है। पूरे तथ्यों की जांच कर ऑर्गनाइजरों व उनका सपोर्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के आधार पर ही आरोपियो की गिरफ्तारी की जाएगी।