Breaking News
अध्यापकों की शिक्षा विभाग में संविलियन को हरी झंडी कल ,जानिए क्या-क्या होंगे लाभ | मंडी में सैकड़ो क्विंटल अवैध चना बरामद, व्यापारियो में मचा हड़कंप | पूर्व आईएफएस की शिकायत पर PMO ने दिये जांच के आदेश | MP : थाने में प्रधान आरक्षक ने लगाई फांसी, मचा हड़कंप | दबंगाई या पद का दुरुपयोग : कांग्रेस विधायक का बेटा खुलेआम कर रहा नकल, VIDEO VIRAL | सेना जैसा प्रशिक्षण ले रहे बजरंगी | जो शिवराज खेती छोड़ नौकरी की सलाह दे रहे थे वो आज किसानों को लेकर बड़े-बड़े दावे-घोषणाएं कर रहे | ग्रीन बने पीथमपुर, सचिन ने लिखा पत्र | बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन | नागिन ने लिया बदला!... दंपति की मौत |

आंखों में पीड़ा और हाथों में फांसी का फंदा लेकर जनसुनवाई में पहुंचा किसान, मचा हड़कंप

नरसिंहपुर।

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में कलेक्टर जनसुनवाई में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक किसान हाथों में फांसी का फंदा लेकर पहुंचा और कलेक्टर के सामने ही फांसी लगाने की बात कहने लगा। किसान सरकारी सिस्टम से परेशान हो गया था इसलिए न्याय की गुहार लगाने जनसुनवाई में पहुंचा। 

किसान का आरोप था कि उसे नवंबर-दिसंबर में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बाद भी अब तक मार्च उसका भुगतान नहीं मिला है। किसान ने कलेक्टर से कहा कि या तो उसे न्याय दिया जाए या फिर उसे फांसी देकर जीवन से मुक्ति दे दी जाए।कलेक्टर ने तुरन्त संबधित अधिकारियों को पीड़ित किसान का भुगतान करने के निर्देश दिए। बता दे कि  जिले में करीब 500 से ज्यादा ऐसे किसान हैं, जिन्हें अभी भावांतर भुगतान योजना का पैसा नहीं मिला है।

दरअसल, हिनौतिया गांव के किसान अविनेश चौहान का आरोप है कि उसने बीते 28 दिसंबर को 1 लाख 55 हजार की धान सहकारी समिति को बेची थी, लेकिन 15 दिन में भुगतान के शासन के निर्देश के बावजूद उसे 5 महिने गुजर जाने के बावजूद पैसा नहीं मिला।उसने इसकी शिकायत जनसुनवाई में कई बार की है। इसके साथ ही किसान ने बताया कि वह इसकों लेकर सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत कर चुका है। लेकिन इन सब के बावजूद अब तक उसे कोई लाभ नही मिला। भुगतान नहीं होने पर सरकारी सिस्टम से परेशान होकर अविनेश मंगलवार को हाथों में फांसी का फंदा लेकर जनसुनवाई में पहुंचा और कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई। न्याय ना मिलने पर जीवन से मुक्ति देने की मांग की।इस पर कलेक्टर ने उसे आश्वासन दिया औऱ जांच के निर्देश जारी किए।

किसान का कहना था कि उसे 20 हजार रुपए बिजली बिल के देने हैं, 50 हजार रुपए का कर्ज चुकाना है, किराना वाला उधार नहीं दे रहा है। अपने भुगतान के लिये उसे बार-बार एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी तक चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसलिए मजबूरन मुझे से कलक्ट्रेट में फांसी का फंदा लेकर आना पड़ा।

अब सवाल खड़ा होता है कि क्या कलेक्टर के निर्देश पर किसान को पैसा मिलेगा या भुगतान सिर्फ आश्वासन पर ही अटक कर रह जाएगा।


  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...