इस मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को मिली जमानत, फिर भी रहना होगा जेल में

नई दिल्ली। 

पंचकूला की विशेष सीबीआइ कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में रिहा कर दिया है। लेकिन वह रेप केस में अभी भी जेल में ही रहेगा।  विशेष सीबीआई जज जगदीप सिंह की कोर्ट ने अब ये फैसला सुनाया है। इस मामले में अन्य आरोपी डॉ पंकज गर्ग को भी जमानत मिल गई है। वहीं इस मामले में डॉ महिंदर इंसा को अभी तक जमानत नहीं मिल पाई है।इस मामले में गुरमीत राम रहीम, डॉ. मोहिंद्र इंसां और डॉक्टर पीआर नैन पर आरोप तय हो चुके हैं। इन पर आईपीसी की धारा 326, 417, 506 और 120बी के तहत आरोप तय हुए थे। मोहिंद्र इंसां और डॉ. पीआर नैन इस मामले में पहले ही जेल में हैं। 

बता दें कि इस मामले में राम रहीम ने सीबीआई की विशेष अदालत में जमानत याचिका लगाई थी। इससे पहले अगस्त महीने में सीबीआई अदालत ने इस मामले में राम रहीम की याचिका खारिज कर दी थी। राम रहीम इस समय रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता हंसराज चौहान की याचिका पर साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के मामले में 23 दिसंबर 2014 को सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई ने फरवरी 2018 को पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में डेरा सच्चा सौदा में साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में चार्जशीट दायर की थी। फतेहाबाद निवासी हंसराज चौहान की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया था कि राम रहीम और उसके साथियों ने 400 साधुओं को नपुंसक बनाया है।

दरअसल राम रहीम के खिलाफ हरियाणा के ही रहने वाले एक शख्स ने आरोप लगाया था कि साधुओं को वो ईश्वर दर्शन कराने की बात करते थे। लेकिन उसके लिए साधुओं के सामने नपुंसक बनने की शर्त होती थी। ज्यादातर साधू ईश्वर दर्शन की लालच में खुद को नपुंसक बनने के लिए समर्पित कर दिया। याची का कहना था कि पीड़ितों को कुछ खास तरह के इंजेक्शन लगाए जाते थे जिसकी वजह से उनके शरीर में कुछ हारमोनल बदलाव हो गए। शरीर में हारमोनल बदलाव की वजह से दूसरे लोग साधुओं का मजाक उड़ाया करते थे।