'गंगा सफाई' के मुद्दे पर 22 जून से अनशन कर रहे पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल का निधन

नई दिल्ली| गंगा एक्ट की मांग को लेकर 22 जून से अनशन कर रहे पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल का निधन हो गया| वे 111 दिन से अनशन कर रहे थे, जीडी अग्रवाल का निधन उस समय हुआ जब उन्हें हरिद्वार से दिल्ली लाया जा रहा था| जी डी अग्रवाल का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया. प्रो अग्रवाल ने मंगलवार को जल भी त्याग दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें जबरन उठाकर ऋषिकेश के एम्स में भर्ती करवा दिया था|

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश को स्वामी सानंद अपना शरीर दान कर गए हैं। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने इस बात की पुष्टि की है। डाॅक्टरों के मुताबिक कमजोरी और हार्ट अटैक से स्वामी सानंद का निधन हुआ है।  जीडी अग्रवाल इंडियन सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में सदस्य भी रह चुके थे, आईआईटी में प्रोफेसर रह चुके थे, हालांकि अब वह संन्यासी का जीवन जी रहे थे|

पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल गंगा में अवैध खनन, बांधों जैसे बड़े निर्माण और उसकी अविरलता को बनाए रखने के मुद्दे पर अनशन पर थे|  स्वामी सानंद गंगा से जुड़े तमाम मुद्दों पर सरकार को पहले भी कई बार आगाह कर चुके थे और इसी साल फरवरी में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख गंगा के लिए अलग से क़ानून बनाने की मांग की थी| इसके बाद स्वामी सानंद 22 जून को अनशन पर बैठ गए थे|