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किसान आंदोलन : सड़कों पर उतरे किसान, फेंकी सब्जियां, बहाया हजारों लीटर दूध

नई दिल्ली।

मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों में शुक्रवार से आगामी दस दिनों तक किसान आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। इसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।एक तरफ जहां मध्यप्रदेश के जिलों में हालात सामान्य बने हुए है , आंदोलन का असर कम दिखाई दे रहा है। शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। दूध, सब्जी और फल की सप्लाई पर भी मामूली असर दिख रहा है। शहर के हाइवे पर भी पुलिस की पेट्रोलिंग जारी है वही दूसरी तरफ पूणे और पंजाब में हालात बेकाबू हो चले है। किसानों सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे है।इधर पंजाब के लुधियाना में किसानों ने सड़कों पर हजारों लीटर दूध बहाया तो उधर  फरीदकोट में किसानों ने दूध, फल और सब्जियों को बीच सड़क पर फेंक कर इन वस्‍तुओं की आपूर्ति ठप करने का ऐलान किया।

इसके साथ ही पुणे के खेडशिवापुर टोल प्लाजा पर किसानों ने 40 हजार लीटर दूध बहाया दिया। वही आगरा के अपने वाहनों की फ्री आवाजाही कराने के लिए किसानों ने टोल पर कब्जा कर लिया और जमकर की तोड़फोड़ की।इसके अलावा महाराष्‍ट्र के नासिक के पास किसानों ने टमाटर से भरा ट्रक रोक दिया। हालांकि, मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों ने बचे हुए दूध को फेंकने के स्थान पर गांव में उससे मिठाई बना गांव में ही बांटने का फैसला किया है। कही कही किसानों द्वारा मंदिरों में जाकर दुग्ध अभिषेक भी किया गया। बताया जा रहा है कि किसानों के हड़ताल को समाप्‍त करने के लिए जल्‍द पहल न करने की स्थिति में दूध, फल और सब्जियों की किल्‍लत बढ़ सकती है।

बता दे कि पिछले साल जून में प्रदेश के मंदसौर में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर फायरिंग में 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसी के खि‍लाफ विरोध के रूप में किसानों ने 10 दिन का आंदोलन किया है। किसान आंदोलन को आगामी छह जून को एक साल पूरा हो जाएगा ।


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