किसानों को मिली बड़ी सौगात, सरकार ने खरीफ फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाया

नई दिल्ली| किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने बड़े फैसले किये हैं| केंद्र की मोदी कैबिनेट ने आज हुई बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। जिसमे किसानों को सरकार ने बड़े तोहफे दिए हैं| सरकार ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को बढ़ा दिया है। धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की मंजूरी दी गयी है| सोयाबीन का समर्थन मूल्य 340 रुपए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है, अभी सोयाबीन का समर्थन मूल्य 3050 रूपये है| खरीफ की सभी फसलों जैसे सोयाबीन, मक्का, उड़द, मूंग, धान, मूंगफली और कॉटन का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ेगा।

 केंद्रीय कैबिनेट ने खरीफ फसलों के नए समर्थन मूल्य को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 1,750 रुपये क्विंटल कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक,  खरीफ फसलों में से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में अधिकतम वृद्धि रागी में हुई है। रागी का नया समर्थन मूल्य 2897 रुपए होगा। अभी इसका समर्थन मूल्यू 1900 रुपए क्विंटल है। मूंग के लिए किसानों को 6975 रुपए प्रति 100 किलो मिलेंगे। अभी मूंग का समर्थन मूल्य 5,575 रुपए है| बाजरा की एमएसपी को 1425 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1950 रुपये किया गया।   सूत्रों के मुताबिक मक्का का न्यूनतम मूल्य 1425 रुपए से बढ़ाकर 1,700 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह तुअर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5450 रुपए से बढ़ाकर 5,675 रुपए कर दिया है। उड़द के लिए अब किसानों को 5,400 रुपए के बदले 5600 रुपए प्रति क्विंटल मिलेंगे। साथ ही ज्वार का एमएसपी 1700-1725 रुपए से बढ़ाकर 2430 रुपए कर दिया गया है। उड़़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5400 रुपए के बदले 5600 रुपए होगा।

बजट में सरकार ने घोषणा की थी कि एमएसपी उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना तय किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा एमएसपी से धान का उत्पादन और बढ़ सकता है। वर्ष 2017-18 में यह 11.1 करोड़ टन के साथ सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया। जानकारी के लिए बता दें कि बीते मंगलवार को कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और नीति आयोग के सदस्यों ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी। जिसमें उन्होंने पीएम के सामने ये मांग रखी थी।  मोदी सरकार के इस फैसले से हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात मध्य प्रदेश समेत कई प्रदेशों के किसानों को राहत मिलेगी और काफी लंबे समय से किसानों की मांग हो रही थी।