हत्‍या के 2 मामलों में संत रामपाल दोषी करार, हिसार में धारा 144 लागू

नई दिल्ली| हिसार के सतलोक आश्रम संचालक संत रामपाल पर सेशन कोर्ट ने आज फैसला सुना दिया। हिसार कोर्ट ने रामपाल को दोनों मामले में दोषी करार दिया। इन मामलों में 16-17 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। सेंट्रल जेल एक में बनाई गई विशेष अदालत में जज डीआर चालिया ने मामले पर फैसला सुनाया। इससे पहले रामपाल को छोड़कर बाकी सभी आरोपित कोर्ट पेश किया गया। इसके बाद रामपाल को अदालत में पेश किया गया। रामपाल पर 24 अगस्त को फैसला आना था लेकिन राम रहीम के मामले को देखते हुए सुरक्षा कारणों से इसे टाल दिया गया था। वहीं रामपाल पर देशद्रोह के मामले में 19 नवंबर को सुनवाई होगी।

रामपाल को कोर्ट ने दोषी ठहराया है, फैसले के लिए सेंट्रल जेल में ही कोर्ट बनाया गया और अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश डी. आर. चालिया ने मामले की सुनवाई की। यह मामला 2014 का है जब रामपाल के आश्रम में भड़की हिंसा में 7 लोगों की मौत हुई थी जिसमें 5 महिलाएं और 1 बच्चा भी शामिल था। फैसले के बाद रामपाल के समर्थकों द्वारा उपद्रव होने की आशंका के चलते जेल के ही अंदर विडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए रामपाल की पेशी हुई।  

फैसले के मद्देनजर और पिछली वार हुए उत्पात के चलते इस बार आज सुबह से ही पूरे हिसार में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। बुधवार को ही जिले में धारा-144 लगा दी गई थी। साथ ही यहां की सभी सीमाएं सील कर दी गई थीं। करीब 2000 सुरक्षा बलों की नियुक्ति की गई।


क्या था पूरा मामला 

बता दें कि 18 नवंबर 2014 को सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को बरवाला स्थित उसके आश्रम से बाहर निकालने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया था। कार्रवाई के पहले दिन काफी लोग घायल हुए, लेकिन रामपाल के समर्थक डटे रहे। रामपाल के बाहर निकलने तक काफी हिंसा हुई और इस दौरान पांच महिलाओं समेत एक बच्चे की मौत हुई थी। पुलिस ने हिंसा के एक मामले में रामपाल के अलावा 15 लोगों पर और एक अन्य मामले में रामपाल समेत 14 लोगों पर केस दर्ज किया था।