जब शिक्षिका पर भड़के मुख्यमंत्री..!

देहरादून।

कई राज्यों में इस साल और कईयों में अगले साल चुनाव होना है। लेकिन राज्यों के नेताओं-मंत्रियों ने अभी से तैयारियां शुरु कर दी है।इसी कड़ी में गुरुवार को उतराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनता दरबार लगाया और लोगों की समस्याएं सुनी।इसी बीट एक शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा अपने ट्रांसफर की मांग को लेकर पहुंची।लेकिन समाधान ना होने पर वह मुख्यमंत्री पर भरे दरबार में बिफर उठी।इसके बाद  मुख्यमंत्री शिक्षिका की बातों पर इस कदर भड़के कि उन्होंने वहीं बैठे-बैठे शिक्षिका को सस्पेंड करने का आदेश सुनाते हुए कहा कि उन्हें जनता दरबार से बाहर निकलवा दिया।

इसके बाद पुलिस और सुरक्षाकर्मी महिला को जबरन सीएम आवास से बाहर ले गए। शिक्षिका के द्वारा हंगामा करने के कारण काफी देर तक सीएम आवास पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। इस पूरे मामले पर विपक्ष ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की आलोचना की। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने त्रिवेंद्र सिंह रावत पर निशाना साधा। उत्तराखंड के पूर्व सीएम ने हरीश रावत ने कहा कि हमारा सिस्टम कितना असंवेदनशील हो गया है कि एक विधवा शिक्षिका को 25 साल तक रिमोट एरिया में तैनात किया, जिससे की कोई भी उसकी बात नहीं सुने। पूर्व सीएम ने कहा कि उसका निलंबन रोका जाना चाहिए।