दबंगों की दबंगाई, दलित दुल्हे को घोड़ी से उतारा और मेहमानों पर फेंके पत्थर

नीमच

सरकार एक तरफ प्रदेश में मनचलों और मजनुओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, उनका सरेआम जूलूस निकाल रही है, उठक-बैठक लगवा रही है, वही दूसरी तरफ दंबगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की जा रही है। जिसके चलते प्रदेशभर मे दबंगों के हौंसले बुलंद होते जा रहे है। ताजा मामला नीमच के मनासा तहसील से सामने आया है।यहां के भदवा गांव में एक दुल्हे को दबंगों ने घोड़ी से उतार दिया और उसे पैदल ही बारात निकालने को कहा। जब उसने इसकी शिकायत पुलिस से की तो उन्होंने उसके मेहमानों को पहले तो धमकाया और फिर उनके वाहनों पर पत्थर फेंकना शुरु कर दिए।

जानकारी के अनुसार,घटना कुकड़ेश्वर थाने की है। जिले के मनासा तहसील के भदवा में दशरथ नाम के युवक की शादी रविवार यानि  8 अप्रैल को होनी थी। दुल्हा जैसे ही घोड़ी पर बैठकर रवाना हुआ वैसे ही दबंग नीलेश पिता नाथूलाल गुर्जर ने उसे रोक दिया औऱ घोड़ी से उतरने की बात कही। जब दशरथ ने विरोध किया तो नीलेश ने कहा कि ये मेरा घर है, इसके सामने से तुम बारात नही निकाल सकते। दूसरे रास्ते से निकाल लो। इसी बीच दोनों की बहस हो गई।विवाद बढने पर दशरथ घोड़ी से उतर गया औऱ पैदल ही आगे बढ़ा। बाद में परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जैसे ही इस बात की भनक नीलेश को लगी वे सीधा दशरथ के घर जा पहुंचे और उसके पिता बंशीलाल को धमकाने लगा औऱ फिर मेहमानों से गाली-गलौच करने लगा। जब मेहमान जाने लगे तो उनके वाहनों पर उसने पत्थर फेंकना शुरु कर दिए। इतने में पुलिस भी दबंग की तलाश में वहां पहुंच गई और उसे वहां से अपने साथ ले गई। वही पुलिस ने दशरथ के परिजनों और ग्रामीणों से चर्चा कर उचित कार्रवाई की बात कही है।इस पूरे घटनाक्रम के बाद दशरथ ने बारात निकाली और विवाह स्थल पर पहुंचा। देर रात वधु संग फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की।