इस आईपीएस अफसर ने राज्य सरकार से की एनडीपीएस कानून में बदलाव की सिफारिश

भोपाल/मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के आईपीएस अफसर ने जनहित में सराहनीय कार्य किया है। जिससे इस जिले के किसानों को काफी फायदा मिलेगा। असल में मंदसौर में अफिम की खेती बड़े पैमाने पर होती है। राजस्थान की सीमा से लगे होने के कारण यहां तस्कर आए दिन पकड़े जाते हैं। उनके साथ किसान भी तस्करी के आरोप में जेल चले जाते हैं। पकड़े गए आरोपियों पर सीधे  एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। लेकिन इस एक्ट में बदलाव को लेकर आईपीएस  मनोज कुमार सिंह ने राज्य सरकार को एक सुझाव के साथ प्रजेंटेशन भेजा है। जिसमें उन्होंने इस कानून में बदलाव को पहलुओं को समझाया है। 

दरअसल, मंदसौर जिले के जांबाज़ पुलिस अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने राज्स सरकार से एनडीपीएस एक्ट में बदलाव के लिए सिफारिश की है। उन्होंने बताया है कि डोडा चूरा में मॉर्फिन पर्सेंटेज 0.2 परसेंट से कम होता है जो एनडीपीएस एक्ट के तय प्रावधानों से कम है। इसलिए इसे एनडीपीएस के कड़े प्रावधानों से मुक्त रखा जाना चाहिए। आईपीएस अफसर मनोकुमार सिंह साहब के इस प्रयास को देखकर लगा सबसे ज़्यादा लोग इसी डोडा चूरा के मामलो में नीमच - मंदसौर की जेलों में बंद है और उन्होंने अपने इस प्रज़ेंटेशन में अफीम की उत्पत्ति से लेकर अब तक बने तमाम कानूनों का ज़िक्र किया है वही इसमें उन्होंने कोर्ट की कार्रवाहियो का भी दमदार हवाला देते हुए साबित किया है की डोडा चूरा को एनडीपीएस के कड़े प्रावधानों से मुक्त किया जा सकता है। 

उन्होंने अपने प्रज़ेंटेशन में एक्ट में संशोधन का खाका बनाकर प्रस्ताव दिया है की "जो कोई इस अधिनियम के प्रावधान या अधिनियम के अधीन बनाये गये किसी नियम या निकाले गये किसी आदेश या दी गई किसी अनुज्ञप्ति की शर्त के उल्‍लघंन में पापीस्‍ट्रा/ खतरनाक औषधि/मादक औषधि का उत्‍पादन, कब्‍जा, परिवहन, अन्‍तर्राज्‍यीय आयात अथवा निर्यात विक्रय, क्रय, उपयोग करेगा या उसका भण्‍डारण करेता तो वह अपधारा 2 के अध्‍यधीन रहते हुवें ऐसे अपराध के लिये कारावास से जिसकी अवधि एक वर्ष तक हो सकेगी और जुर्माने से जो पांच हजार रूपये से कम का नही होगा किन्‍तु जो 25 हजार तक हो सकेगा दण्‍डनीय होगा"

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