मंडीदीप पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासा, कर्ज का पैसा ना देने के लिए की थी हत्या

रायसेन| जिले के मंडीदीप थाना अंतर्गत आने वाले कथलिया नदी के स्टॉप डैम के पास रानी पिपलिया रोड के पास 26 अप्रैल 2018 को एक युवक की लाश बड़ी होने की सूचना पुलिस को मिली इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना को लेकर मंडीदीप पुलिस हरकत में आई घटनास्थल पर पहुंचते हुए पुलिस ने जांच शुरु कर दी लेकिन मृतक के शव से सर गायब होने के कारण युवक की शिनाख्त नहीं हो पा रही थी क्योंकि मृतक युवक का सर शव से अलग था पुलिस के लिए यह अंधा कत्ल एक चुनौती बन गया अज्ञात शव पड़ा होने की सूचना पुलिस ने आसपास के लोगों को दी उसके बाद मालूम चला कि 24 अप्रैल को हुई एक गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर शिकायतकर्ताओं को घटनास्थल पर बुलाया गया तो उन्होंने कपड़ों के आधार पर मृतक की पहचान शिवराज उर्फ मंजू मीणा निवासी ग्राम गज्जू पिपलिया के रूप में हुई ।

हत्या को देखकर पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए और इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए दिन रात एक कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी लेकिन फिर भी पुलिस को कोई सफलता हासिल नहीं हुई फिर पुलिस ने जांच की दिशा घुमाते हुए मृतक युवक का मोबाइल घटनास्थल पर ना होने के आधार पर साइबर सेल पुलिस से सूचना प्राप्त की गई तो सामने आया कि शिवराज की आखिरी लोकेशन और बात ग्राम धनखेड़ी निवासी राजू लोवंशी से हुई है पुलिस ने जब राजू से पूछताछ की तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा और जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो राजू ने अपना सारा गुनाह कबूल कर लिया ।

 

डेढ़ लाख रुपए नहीं थे चुकाने को ब्याज से पैसे बांटने वाले शिवराज मीणा की कर दी हत्या ।

हत्या की गुत्थी सुलझाते ही हत्या की वजह सामने आई  आरोपी राजू लोवंशी ने बताया कि मृतक शिवराज से उसने करीब एक लाख 60 हजार रुपए ब्याज पर लिए थे जो कि उसे 25 अप्रैल को लौटाने थे लेकिन उसके पास एक हजार रुपए भी जेब में नहीं थे इसलिए शिवराज को मौत के घाट उतारने के लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी की गई और आरोपी राजू ने अपने अन्य मित्र रवि मंडलोई निवासी ग्राम इटावा कला एवं अखिलेश नागर निवासी हटाया कला के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से शिवराज को पार्टी करने के लिए बुलाया और अखिलेश ने रस्सी से गला दबाया और राजू तथा रवि ने धारदार हथियार से लगातार गर्दन पर कई बार किए जिससे शिवराज की घटनास्थल पर ही मौत हो गई उसके बाद तीनों आरोपी वहां से फरार हो गए आरोपी कोलार रोड होते हुए भोपाल पहुंचे फिर सीहोर के रेहटी में जाकर आरोपियों ने नर्मदा स्नान किए और रास्ते में घटना से जुड़े सभी सबूतों को ठिकाने लगा दिया ।


 एसपी ने किया था 10 हजार का इनाम घोषित 

मंडीदीप में हुए इस अंधे हत्याकांड के आरोपियों का सुराग देने वालों को रायसेन पुलिस अधीक्षक जगत सिंह राजपूत ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था वही हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने मैं मंडीदीप थाना प्रभारी अभय नेमा और उनकी टीम द्वारा अंधे कत्ल की इस गुत्थी को 4 दिन के भीतर ही सुलझा दिया गया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया एसपी जगत सिंह राजपूत ने पुलिस टीम को नगद पुरस्कार दिए जाने की घोषणा भी की है ।