'अभ्युदय' से बदल रही जिले की सूरत, कलेक्टर के प्रयास को सीएम ने भी सराहा

राजगढ़| मनीष सोनी |  नीति आयोग के तहत राजगढ़ देश के 115 व प्रदेश के 08 पिछड़ों जिलों में शामिल है।  पिछड़े जिलों की सूची में शामिल होने के बाद से ही अब उसे इस स्तिथि से उभारने के लिए जिले के कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने कमर कस ली है और अभ्युदय अभियान के जरिये जिले का पिछड़ापन दूर किया जा रहा है| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कलेक्टर के इस अभियान की प्रशंसा कर चुके हैं और उन्होंने जतना से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है| 

कुपोषण और टीकाकरण को लेकर जिले में चलाए जा रहे अभ्युदय अभियान को लेकर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बच्चों से लेकर गाँव के बुजर्गों को जोड़ा है| सरकारी योजनाओं की जानकारी और क्रियान्वयन और लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 'संवाद' कार्यक्रम भी शुरू किये गए हैं| जिसमे कलेक्टर खुद एक टीचर बनकर सबको शिक्षित करते हैं और योजनाओं की जानकारी देते हैं| पिछड़ेपन के कलंक से जिले को उभारने के लिए अलग अलग जगहों पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है| जिसमे सभी विभागों की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कहा गया। उनका मानना है कि यह किसी भी एक विभाग व व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं है। जिले को पिछड़ेपन से बाहर लाने के लिए सभी विभागों का सामूहिक प्रयास जरूरी है। इस अभियान के जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी, राजस्व, महिला बाल विकास सहित सभी विभागों को शामिल किया गया है| वहीं स्कूली बच्चों के माध्यम से परिवारों को जागरूक किया जा रहा है, कलेक्टर स्वयं बच्चों से सीधा संवाद करते हैं | 

कुपोषण को मिटाने शुरू की गई कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की अभिनव पहल 'मिशन संजीवन' भी सराहनीय पहल रही है| इसके अंतर्गत अतिकुपोषित बच्चों को सक्षम व्यक्तियों के गोद लिए जाने का सिलसिला जारी है| कलेक्टर इस अभियान को सफल बनाने उन्होंने खुद पांच बच्चों को गोद लेकर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी ली थी|