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शासन ने स्कूलों में बंटवाई कृमिनाशक टेबलेट, रतलाम में खाने से 40 स्कूली बच्चे बीमार

रतलाम

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में  सरकार द्वारा दी गई कृमि नाशक टैबलेट खाने से 40  बच्चे बीमार हो गए । जिसमें से 17  बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।घटना  संत मीरा कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों के साथ हुई है।अभी बच्चों की हालत ठीक बताई जा रही है।गनिमत रही कि किसी की भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं है। सभी बच्चों का इलाज किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार,आज देशभऱ में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जा रहा है। इसी के चलते बच्चों की सुरक्षा को लेकर शासन ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को कृमि नाशक गोलियां प्रदान की । इसी सिलसिले में आज शुक्रवार को बरबड रोड स्थित संत मीरा कॉन्वेंट स्कूल में  कृमि नाशक गोलियां प्रदान करने का कार्यक्रम रखा गया था। इसमें बच्चों को गोलियां दी गई और बच्चों ने गोलियां खा ली। करीब थोड़ी देर बाद स्कूल के 40 बच्चों को घबराहट और चक्कर आने की शिकायत होने लगी।प्रबंधन द्वारा उन्हें स्कूली वाहनों से जिला अस्पताल ले जाया गया।जहां १७ बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

बताया जा रहा है कि जब बच्चों को यह टैबलेट दी जा रही थी, तब स्कूल में कोई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद नही था। और ना ही उन्हें बताया गया कि बच्चों को गोलियां खाली पेट देना है या नहीं देना है।अध्यापकों द्वारा ही बच्चों को गोलियां दी गई और बच्चों ने गोलियां खा ली।इसके बाद से ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

डॉक्टरों की माने तो बच्चों के बीमार होने के पीछे गोलियों का खाली पेट सेवन करना है।जिसके चलते घबराहट और चक्कर आने लगे।वैसे कृमि नाशक दवाई के साइड इफेक्ट काफी कम हैं। कृमि संक्रमण की अधिकता के कारण कुछ मामूली दुष्प्रभाव जैसे चक्कर आना, जी मिचलाना, सरदर्द, उल्टी-दस्त और थकान का अनुभव होता है, जो कि बच्चों को हुआ।

बता दे कि शासन के निर्देशानुसार ये गोलियां प्रदेश को शासकीय, अनुदान प्राप्त शालाओं, आदिवासी छात्रावासों, आश्रम शालाओं, निजी विद्यालय, केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, मदरसों और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एक से 19 वर्ष की आयु वाले 2 करोड़ 84 लाख 93 हजार 665 बच्चों को कृमि नाशक एल्‍बेण्डाजोल गोली दी जाएगी। कृमि नाशक गोली प्रदेश की एक लाख 49 हजार 943 प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शालाओं और 96 हजार 882 आंगनबाड़ी केन्द्रों में दी जाएगी। 


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