रतलाम राशन घोटाला : फर्जी परिवार बन ले रहे थे राशन माफिया, अब कटेगा लिस्ट से नाम

रतलाम

मध्यप्रदेश के रतलाम में हुए राशन घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। घोटाले के खुलासे के बाद  23 हजार फर्जी राशनधारक पाए गए है, जिनका नाम अब राशन लेने वालों की लिस्ट से हटाया जाएगा। इसके साथ ही उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।जांच में सामने आया है कि इन फर्जी राशनधारकों के नाम पर माफियाओं द्वारा सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि इस मामले में पहले ही 8  लोगों पर मामला दर्ज किया जा चुका है।

जानकारी के अनुसार, साल 2016  में रतलाम जिले में  करीब 9 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया था, जिसमें जनवरी 2018 में जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी आर.सी.जांगडे सहित 8 राशन दुकान संचालकों पर मामला दर्ज किया गया था।इसी कड़ी में अब उन लोगों पर कार्रवाई शुरु की गई है, जिन्होंने नगर निगम की मजदूर डायरियों मे अपना नाम फर्जी तरीके से जोड़कर करोड़ों रुपए गबन किए और सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया।अब खुलासे के बाद 23 हजार फर्जी परिवारों के नाम राशन लेने वालों की लिस्ट से काटे जाएंगे। जिसकी कार्रवाई शुरू हो चुकी है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 23 हजार परिवारों में अकेले रतलाम शहर के 21 हजार फर्जी परिवार शामिल है। इन फर्जी परिवारों को अलग-अलग 25 कैटेगरी में बांट कर राशन दिया जाता था। हर माह 80 हजार फर्जी लोगों का अनाज राशन माफिया लेकर कालाबाजारी कर रहे थे।

बता दे कि इस बहुचर्चित घोटाले का खुलासा तात्कालिक कलेक्टर बी.चंद्रशेखर ने 2016 में किया था।उन्हें इस मामले में जनसुनवाई मे लगातार शिकायते मिल रही थी, जिसके बाद उन्होंने रिकार्ड खंगाला तो पूरा घोटाला सामने आ गया। सरकारी दुकानों से राशन लेने वालों को जब आधार कार्ड को ट्रिपल एसएमआई से जोड़ा गया। थंब इम्प्रैशन से दुकानों पर अनाज दिया जाने लगा, तो फर्जी राशन वाले दुकानों तक पहुंचे ही नहीं। जिसके बाद इस  राशन घोटाले की असलियत सामने आई।