10 हज़ार से अधिक लोगो ने तालियाँ बजाकर भगवान श्रीकृष्ण जन्म के मंगल गीत गाये

भोपाल। हो रई ब्रज में जय जयकार..... के नंद के घर लाला आयो है जय कन्हैया लाल की के भक्ति रस में शुक्रवार को संत नगर और उसके आसपास मे रहने वालो कृष्ण भक् डूबे नजर आढ। मौका था भागवत कथा के ख्चौथे दिन का। भजन पर पूरा पंडाल झूम उठा, पंडाल में उपस्थित हर व्यक्ति को झूमते और नाचते हुए आचार्य श्री ने कहा की जो बांके बिहारी के सामने नृत्य करता है उसे संसार में कोई नचा नहीं सकता। आचार्य श्री ने कहा की जो जितना यहाँ उचक उचक कर नाचेगा वह उतनी उन्नति करेगा। आचार्य श्री ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव अवसर पर मिष्ठान और खिलोने लुटाये आचार्य श्री ने उपस्थित श्रद्धालुओ को ढेरो बधाई दी। ज्ञात हो की श्रीमद भागवत कथा के चतुर्थ दिवस विधायक हुजूर कर्मश्री के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने सपत्निक श्रीमती संगीता शर्मा के साथ विधिवत रूप से व्यास गादी की पूजा अर्चना की , प्रारम्भिक आरती में विशेष रूप से मौजूद रहे। इस मौके पर बैरागढ़ प्रेस क्लब सहित के लोग भी मौजूद रहे।

माया रूपी पर्दे को हटाओ भगवान के दर्शन होंगे: आचार्य श्री मृदुल कृष्ण

आचार्य श्री मृदुल कृष्ण ने बताया की वन गमन के दौरान श्रीराम से लक्ष्मण द्वारा पूछे गए सवाल माया क्या है ? इस प्रशन के जवाब में भगवान श्रीराम ने माया का प्रतिपादन करते हुए कहा की मेरा तेरा यह द्वन्द ही माया है। माया के दो रूप है विद्या रूपी माया ,इस माया से प्रभु आश्रय लेकर संसार की रचना करते है अविद्या रूपी माया व्यक्ति को संसार में फंसा देती है ! भगवान कहते है संसार में जो है उसे झुपा दिया जो नहीं है उसे दिखा दिया यही माया है। आचार्य श्री ने कहा की माया के पीछे भगवान का वास होता है अपने जीवन से माया के पर्दे को हटाकर भगवान के दर्शन संभव है।

युवा परिश्रम के साथ साथ भगवान का भजन अवश्य करें

आचार्य श्री मृदुल कृष्ण जी ने कहा की युवा किसी भी कार्य क्षेत्र में परिश्रम करें परन्तु भगवान का भजन संकीर्तन उनकी आरधना अवश्य करें , आचार्य श्री ने कहा की ऐसा करने वालो का कभी आत्मबल कमजोर नहीं होगा परिश्रम के साथ भगवान का भजन करने वालो के जीवन का केंद्र बिंदु परमात्मा हो जाते है इस दशा में आपकी दिशा गलत जा रही हो तो भगवान उसे सही दिशा देने का काम करते है। श्री मृदुल कृष्ण ने कहा की माँ, पिता, शिक्षक, अतिथि ,राष्ट्र यह भगवान स्वरुप है इनका सदैव आदर सम्मान की चिंता हमे करनी चाहिए। हमारी कर्मभूमि कुछ भी हो हमारी जन्म भूमि भारत है इसके प्रति हमारा समर्पण सदैव हमारे अंतर्मन होना चाहिए।

ह्रदय से गाया हुआ भजन प्रभु के ह्रदय तक पहुँचता है - आचार्य श्री मृदुल

भक्त और भगवान का सम्बन्ध जन्म जन्मान्तर का है इस कलिकाल में भगवान से जुडऩे का एक माध्यम है उनके नाम का भजन, आचार्य श्री ने कहा की ह्रदय से किया गया प्रभु भजन प्रभु के ह्रदय तक पहुँचता है। उन्होंने कहा की गीत होंठो से गाया जाता है परन्तु भजन ह्रदय से गाया जाता है।

फिल्मी गाने वासना से जोड़ते है प्रभु भजन उपासना से जोड़ता है:आचार्य श्री

आचार्य श्री मृदुल कृष्ण जी ने कहा की आज का युवा पश्च्यात संस्कृति की और अपना रुझान रखता है फिल्मी गीत नशे की लत का शिकार हो जाता है ऐसे युवाओ से मेरा कहना है की वह प्रभु के भजनों से जुड़े फिल्मी गाने आपको वासना से जोड़ते है परन्तु भजन आपको प्रभु की उपासना से जोड़ता है।

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