लोकायुक्त के शिकंजे में फंसा एक और पटवारी, 35 हजार लेते रंगेहाथों धराया

रीवा। प्रदेश में लोकायुक्त लगातार बड़ी कार्रवाई कर रिश्वतखोर कर्मचारियों पर शिकंजा कस रही है, इसके बावजूद रिश्वत लेने वालों में कोई खौफ नहीं है| खासकर सबसे अधिक भ्रष्टाचार राजस्व विभाग में हो रहा है, जहां पर आए दिन कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा जा रहा है। आज एक और रिश्वतखोर पटवारी लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा है| जो जमीन के पूरे दस्तावेज तैयार करवाने के एवज में पांच लाख की डिमांड कर रहा था| लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को रंगेहाथों  35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया | 

जानकारी के मुताबिक रीवा के कोठार निवासी निशांत पाण्डेय ने हल्का पटवारी प्रमोद तिवारी द्वारा मांगी जा रही रिश्वत की शिकायत लोकायुक्त में की। साथ ही मोबाइल में रिकार्ड किए गए आडियो भी लोकायुक्त अधिकारी को सुनाए गए। जिसके बाद लोकायुक्त एसपी ने एक टीम गठितकर आरोपी को रंगे हाथ पकडऩे का निर्देश दिया। पटवारी जमीन के पूरे दस्तावेज तैयार करवाने के एवज में 5 लाख रुपए की मांग कर रहा था | 

पटवारी ने शिकायतकर्ता को खुटेही मोहल्ले में अपने आवास पर बुलाया था,  फरियादी उसके घर 35 हजार रुपए लेकर पहुंचा और पटवारी को जैसे ही रुपए दिए उसी दौरान लोकायुक्त की टीम पहुंच गई और रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी पटवारी प्रमोद तिवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13(1)डी एवं 13(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू किया है।