यूपी से एमपी तक जुड़े टेरर फंडिंग के तार, दो को लिया हिरासत में

रीवा।

टेरर फंडिंग मामले में यूपी एटीएस  ने बड़ी कार्रवाई की है। एटीएस ने गोरखपुर, प्रतापगढ़, लखनऊ और मध्य प्रदेश के रीवा से आतंकी संगठनों को पैसा मुहैया करने के आरोप में दस लोगों को गिरफ्तार किया है।बाकी शहरों के आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल किया है, लेकिन मप्र के दोनों आरोपियों से अभी भी पूछताछ की जा रही है।यूपी एटीएस इन्हें अपने साथ लेकर जा सकती है। जांच के बाद बड़ा खुलासा होने की आशंका है।  इन लोगों ने पाकिस्तान में बैठे अपने लोगों के लिए ‘टेरर फंडिंग' में मदद का जुर्म कबूल कर लिया है।

दरअसल,24 मार्च को एटीएस ने गोरखपुर, प्रतापगढ़, लखनऊ और रीवा में छापेमारी कार्रवाई की गई है। टीम को सूचना मिली थी कि वीणा गांव के दो लोग टैरर फंडिंग से जुड़े हुए हैं। इसी के आधार पर मप्र में भी कार्रवाई की गई।  आरोप है कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का कोई सदस्य लाहौर से फोन और इंटरनेट के जरिये अपने नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में रहता था और उनसे फर्जी नाम से बैंक खाते खोलने के लिए कहता था।  वह बताता था कि कितना धन किस खाते में डालना है। इसके लिए इन भारतीय एजेंटों को 10 से 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। अभी तक एक करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन की बात सामने आयी है।इसके साथ ही इसमें कई छोटे व्यापारियों के शामिल होने की भी बात सामने आई है।

पकडे गए आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, लगभग 42 लाख रुपये नकद, छह स्वैप मशीनें, मैग्नेटिक कार्ड रीडर, तीन लैपटॉप, एक देसी पिस्तौल और 10 कारतूस, बड़ी संख्या में अलग-अलग बैंकों की पासबुक इत्यादि बरामद किये गये हैं।