लोकायुक्त का शिकंजा, नक्शा बनाने के नाम पर रिश्वत लेते महिला पटवारी रंगेहाथों ट्रैप

सागर| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस के दावे की पोल सरकारी कर्मचारी अधिकारी ही खोल रहे हैं| खासकर राजस्व विभाग के कर्मचारी भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा घिरे रहते हैं| एक बार फिर लोकायुक्त ने रिश्वतखोरी के खिलाफ दबिश देकर रिश्वत का खेल उजागर किया है| सागर लोगयुक्त ने महिला पटवारी को रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है| महिला पटवारी द्वारा नक्शा बनवाने के लिए रिश्वत मांगी गई थी| 

जानकारी के मुताबिक सागर जिले की जैसीनगर तहसील के हल्का नंबर 170 में पदस्थ महिला पटवारी रितु बरबरिया ने आवेदक अशोक कुमार यादव निवासी सैमा गांव से नक्शा बनवाने के लिए पांचसौ रुपए की मांग की थी| नक्शा बनवाने के लिए पटवारी द्वारा आवेदक को बार-बार कार्यालय के चक्कर कटवाएं जा रहे थे। बाद में आवेदक को पता चला कि अगर रिश्वत नहीं दी तो काम नहीं हो पायेगा| जिसके बाद 500 रुपए देने की बात तय हुई। लेकिन अशोक ने मामले की शिकायत कार्यालय लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर में दर्ज कराई ।

मंगलवार को महिला पटवारी रितु बरबरिया के पदमानगर स्थित मकान में बने ऑफिस में रिश्वत देना तय हुआ था। जिसकी सूचना लोकायुक्त को आवेदक ने दी थी| जैसे ही अशोक ने पटवारी के हाथ में रिश्वत के रुपए थमाएं, पहले से सावधान लोकायुक्त की टीम ने कार्यालय की घेराबंदी कर दी और महिला पटवारी को रिश्वत के साथ पकड़ लिया। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर पटवारी को जमानत दे दी है।  मामले में महिला पटवारी रितु बरबरिया ने स्वयं को निर्दोष बताया है। साथ ही फंसाने का आरोप लगाया है।  वहीं  हाथ पर टेस्ट के लिए पानी डाला गया, वह रिश्वत से रंग गए। 

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