अब शराब माफिया के खिलाफ 'कॉम्बिंग ऑपरेशन' चलाएगी पुलिस

श्योपुर।

मध्यप्रदेश के श्योपुर में शराबबंदी को ठेंगा दिखा रहे शराब माफिया पुलिस के सामने चुनौती बन गए हैं। लगातार प्रतिबंधित देसी-विदेशी शराब की खेप पकड़ी जा रही है, लेकिन तस्करी का सिलसिला थमते नहीं दिख रहा है। स्थिति ये है कि ‘तू डाल-डाल तो मैं पात-पात।’ पुलिस आैर माफियाओं के बीच इसी तर्ज पर लुकाछिपी के बीच शराब की तस्करी का खेल चल रहा है। सख्ती के बाद भी गांवों में अवैध शराब बिक रही है। लेकिन अब इसी पर रोक लगाने के लिए श्योपुर एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह ने कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाने की तैयारी की है। इस अभियान के तहत वे खुद गांव-गांव में जाएंगे और चौपाल में जनता से मिले फीडबैक पर शराब माफिया पर मौके पर ही कार्रवाई करेंगे और जरुरत पड़ी तो उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।एसपी द्वारा गांवों में रात्रि विश्राम के लिए सहसराम, अगरा, गसवानी, बरगवां जैसे कई गांवों को चुना गया है, जिनकी आबादी ठीक-ठाक है।एसपी को पूरी उम्मीद है कि इस अभियान के बाद जिलेभर से अवैध शराब पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।

         एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह का कहना है कि लगातार प्रतिबंध के बावजूद गांव गांव में शराब की ब्रिकी जारी है। आए दिन ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत पुलिस को मिल रही है। पुलिस प्रयास कर रही है कि गांवों में ब्रिकी पर रोक लगाए जाए। इसके लिए यह ऑपरेशन चलाया जा रहा है । इसमें हम खुद 100  से अधिक गांवों में जाएंगे और रात रुक कर पता लगाएंगें कि शराब की सप्लाई कौन कर रहा है और इसके पीछे कौन कौन शामिल है। इसके साथ ही पुलिस की नजर स्मैक और गांजा तस्करों पर भी रहेगी।जो पुलिस को  स्मैक बेचने वालों की जानकारी देगी उसे नगद इनाम दिया जाएगा।इसमें सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

कॉम्बिंग ऑपरेशन (Combing operation )

जब जंगल में बदमाश या डकैतों की आहट होती है तब, पुलिस जंगल में सर्चिंग का अभियान चलाती है इसे पुलिस की भाषा में कॉम्बिंग ऑपरेशन कहा जाता है। कॉम्बिंग ऑपरेशन यानी खोजबीन है। इसी तर्ज पर उन गांवों में जहां-जहां अवैध शराब बिकती है वहां पुलिस कॉम्बिंग ऑपरेशन कर एक-एक आरोपी को चिन्हित कर उस पर कार्रवाई करेगी।


"To get the latest news update download tha app"