केन्द्रीय मंत्री ने पेश की सादगी की मिसाल, कन्यादान योजना के तहत कराई पोते की शादी, टैक्टर मे निकाली बारात

श्योपुर।

जब भी किसी नेता-अभिनेता के बेटे-बेटी की शादी होती है तो लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते है, कई वीआईपी के लिए वीवीआईपी इंतजाम किए जाते है , लेकिन इन सब के बीच केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत  ने अपने पोते की शादी सादगी से कर एक नई मिसाल पेश की है। मंत्री ने अपने पोते की शादी नागदा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन में की है। खास बात तो ये रही कि इस मौके पर मंत्री जी अपने आप को रोक नही पाए और जमकर झूमे।

दरअसल, देशभर में अक्षय तृतीया के मौके पर लाखों जोड़ो ने अग्नि को साक्षी मानकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। वही मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन में कई जोड़ों की शादियां कराई गई। नागदा में हुए सम्मेलन में शामिल होने वाले जोड़ों में  केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत के बड़ा पोता भी था।पोते मनीष का विवाह रेखा से हुआ। मुख्य मार्ग से निकले 110 जोड़ों के बनोले में अन्य जोड़ों के साथ मनीष भी दुल्हन रेखा के साथ ट्रैक्टर में परिजन के साथ सवार थे। वर निकासी के दौरान गेहलोत ने भी जमकर डांस किया।

वही सम्मेलन में अपने पोते की शादी कर गेहलोत ने ना सिर्फ विवाह समारोह में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का बड़ा उदाहरण पेश किया बल्कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना को भी सफल और सही बताया। खासबात तो ये है कि गेहलोत के छोटे पोते देवेंद्र का विवाह भी 29 अप्रैल को ताल में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में ही होगा।बता दे कि मप्र में पहला ऐसा मामला है जब कोई केन्द्रीय मंत्री अपने पोते की शादी सादगी से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत करा रहे है।