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CM ने किया 'चरण पादुका योजना' का शुभारंभ, बोले- मिट्टी के मोल नही बिकने देंगें गरीबों की मेहनत

सीधी

आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सीधी में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहक एवं श्रमिक सम्मेलन में चरण पादुका योजाना का शुभारंभ किया । इस मौके पर सीएम ने कहा कि तेंदू पत्ता संग्रहण करने वाले नंगे पैर इस काम को करने पर विवश हैं, इसलिए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है, ताकी किसी के भी पैर में कांटे ना चुभे।वही उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन और सेल्फ हेल्प ग्रुप की बहनों द्वारा इस साल स्कूल के बच्चों की ड्रेस तैयार कर रही है।जल्द ही ड्रेस बनकर आ जाएंगी।

सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि उमरिया में मैने देखा कि कई बेटियाँ नंगे पैर महुए का फूल बीनने जा रही थीं, उन्हें कांटे चुभ रहे थे फिर भी वो चले जा रही ,लेकिन मुझसे ये बर्दाश्त नही हुआ इसलिए मैंने चरण पादुका योजना बनाई।अभी तक तेंदूपत्ता के लिए 1250 रुपये मिलता था, जिसे बढ़ाकर 2000 रुपया प्रति मानक बोरा कर रहे हैं। महुए का फूल 30 रुपये प्रति किलो से कम बिकने नहीं देंगे।जो समाज में सबसे पीछे खड़े हैं, मैं उनके कल्याण के लिए संकल्पित होकर काम कर रहा हूँ।चार की गुठली, नीम की निंबोली भी सरकार गरीबों से खरीदने का काम करेंगी। मिट्टी के मोल गरीबों की मेहनत को बिकने नहीं दिया जाएगा। तभी इस देश से गरीबी दूर हो सकेगी।

मकान बनाने का काम करेगी सरकार

सीएम ने कहा कि  किसी के पास दो जून की रोटी नहीं है और किसी के पास गगनचुम्बी अट्टालिकाएँ हैं। हम यह सामाजिक विषमता नहीं रहने देंगे। जिनके पास अकूत धन है, उनसे टैक्स लेंगे और गरीबों को राहत देंगे।हर गरीब मजदूर जिनके पास रहने की ज़मीन का पट्टा नहीं है, उन्हें पट्टा दे कर ज़मीन का मालिक बनाया जाएगा, किसी भी गरीब को मध्यप्रदेश में बिना ज़मीन के रहने नहीं दिया जाएगा।गरीब की कोई जाति नहीं होती है। गरीब तो गरीब होता है। इसलिए जितने पसीना बहाने वाले मजदूर भाई हैं, हम सबको रहने की ज़मीन का मालिक बनायेंगे।वर्ष 2006 तक के जिन गरीब आदिवासियों के कब्ज़े हैं, उन्हें वैन विभाग द्वारा वनाधिकार का पट्टा दिया जाएगा।जिन गरीबों के वर्ष 2006 तक के वनों की जमीन पर कब्जे हैं, उन्हें जमीनों के पट्टे दिए जाएंगे, कोई भी बिना जमीन के नहीं रहना चाहिए, सभी के साथ न्याय होना चाहिए। 4 साल के अंदर हर गरीब की झोपड़ी को पक्के मकान में तब्दील कर दिया जाएगा। गरीब मज़दूरों के बच्चों की पहली कक्षा से लेकर पीएचडी की पढ़ाई तक का खर्च सरकार उठाएगी।


सभी को दिलाया संकल्प

सीएम ने सभा में शामिल होने वाले लोगों से कहा कि आईये हम सब संकल्प लें कि बेटियों-बहनों का अपमान किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। दुराचारियों को फांसी की सजा होनी ही चाहिए, इसके लिए आप सभी का समर्थन मिलना चाहिए। अपना देश ऐसा देश है, जो हमेशा से माँ, बहन और बेटी का सम्मान करता रहा है। यह सत्य है कि बेटियों के बिना ये सृष्टि नहीं चल सकती है। महिला सशक्तिकरण के लिए हमने स्थानीय निकाय चुनाव में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण किया है, जिसका परिणाम रहा कि आधे से भी अधिक सीटों पर हमारी बहनें जीतकर आयीं और अच्छा काम कर रही हैं।

अंतिम संस्कार के लिए 5  हजार देगी सरकार

गर्भवती श्रमिक बहनों को 6 से 9 माह की अवधि में 4 हज़ार और प्रसव के बाद 12 हज़ार रुपए देंगे, जिससे वे आराम कर सकें और पौष्टिक भोजन से सेहत सुधर सके। अंतिम संस्कार सम्मान से होना चाहिए। इसके लिए 5 हज़ार रुपये की सहायता दी जाएगी। असंगठित श्रमिक कल्याण योजना का लाभ लेने के लिए आपको पंजीयन कराना है, जिसके लिए सिर्फ यही लिखकर देना है मैं आयकरदाता नहीं हूँ, 2.5 एकड़ से ज्यादा जमीन नहीं है और श्रमिक हूँ, इससे आप लाभार्थी बन सकेंगे।



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