'ट्रांसफर वाली मैडम' भ्रष्टाचार के मामले में सस्पेंड, KBC में जीत चुकी हैं 50 लाख

भोपाल। तबादलों को लेकर सुर्खियों में रहने वाली महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को भ्रष्टाचार के चलते निलंबित कर दिया है। सीधी कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर रीवा संभागायुक्त महेश चंद्र चौधरी ने यह कार्रवाई की है। जांच में अमिता सिंह पर निजी स्वार्थ के लिए रेलवे एवं राष्टीय राजमार्ग के भू-धारकों को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं। 

अमिता सिंह सीधी जिले की चुरहट तहसील में पदस्थ हैं। जहां रेलवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए जिन लोगों को मुआवजा दिया गया था, उसमें अपात्रों को भी लाभ पहुंचाया। रीवा संभागायुक्त द्वारा जारी किए गए आदेश में उल्लेख है कि तहसीलदार ने जानबूझकर यह कृत्य किया है। उन्होंने स्वयं के स्वार्थ के लिए राजस्व हानि पहुंचाई। यह कृत्य गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। अमिता सिंह तोमर को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। 


कौन बनेगा करोड़पति से आई सुर्खियों में 

अमिता सिंह तोमर कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपए जीतकर सुर्खियों में आई थीं। तब वे श्योपुर में पदस्थ थी। वे सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं। पिछले साल जब राज्य शासन ने राजगढ़ से उनका तबादला सीधी कर दिया था, तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा था।  तबादले का मामला उन्होंने सोशल मीडिया पर भी उठाया। हालांकि उन्हें सीधी जाकर ज्वाइन करना पड़ा । कुछ महीने उनका तबादला सीधी से भी किया गया था, कोर्ट के आदेश पर तबादला स्थगित हुआ था और वह चुहरट में ही पदस्थ रहीं। 


श्योपुर में भी लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप 

अमिता सिंह जब श्योपुर तहसीलदार थीं, तब उन पर आदिवासियों की जमीन का नामांतरण गैर आदिवासी के नाम करने के आरोप लगे थे। इस मामले में उनके खिलाफ शिकायत भी हुई। श्योपुर के तत्कालीन कलेक्टर पन्नालाल सोलंकी ने जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए चंबल संभागायुक्त के पास भेजी, लेकिन चंबल संभागायुक्त ने आदिवासियों की जमीन को बंदरवांट करने के आरोप में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। 


'ट्रांसफर वाली मैडम' कहकर उड़ाया जाता था मजाक, पीएम को लिखी थी चिट्ठी  

पिछले साल नवंबर 17 से चुरहट में पदस्थ रही तहसीलदार अमिता सिंह तोमर के 13 साल में 9 जिलों में 25 बार तबादले हो चुके हैं। इसकी शिकायत वे ट्वीटर के जरिए प्रधानमंत्री मोदी तक से कर चुकी हैं। राजगढ़ से चुरहट तबादले के बाद उन्होंने सवाल उठाए थे और महिला अधिकारी को 600 किमी दूर भेजने पर पीएमओ को भी शिकायत की थी। इससे पहले वो ब्यावरा में पदस्थ थी और 800 किमी दूर सीधी तबादला होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र औैर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ट्विट कर न्याय की गुहार लगाई थी। अमिता, केबीसी में 50 लाख रुपए भी जीत चुकी हैं। उस समय उन्होंने कहा था कि पहले कभी उन्हें केबीसी वाली मैडम के नाम से पुकारा जाता था, लेकिन अब तबादले वाली मैडम कहकर मजाक उड़ाया जाता है।

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