हड़ताल का 29वां दिन :संविदाकर्मियों का अनोखा प्रदर्शन, सांकेतिक फांसी लगाकर सरकार को बताया जल्लाद

सिंगरौली

सीएम के आश्वासन के बावजूद बीते 19 फरवरी से नियमितकरण की मांग को लेकर काम बंद हड़ताल पर बैठे संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल आज 29 वें दिन भी जारी है। कर्मचारी लगातार मांगे पूरी करने पर अड़े हुए है। दिनों दिन उनका विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है।हर दिन संविदाकर्मी अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे है।अब इस हड़ताल में 38 विभागों में विभिन्न पदों पर पदस्थ लगभग डेढ़ हजार कर्मचारी भी शामिल हो गए, जिसके चलते प्रदेश की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। आज फिर संविदाकर्मियों ने नए तरीके से सरकार का विरोध प्रदर्शन किया।संविदाकर्मियों ने आज सोमवार को सांकेतिक फांसी लगाकर सरकार और उसकी नीतियों का विरोध किया। इस अनोखे प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार को जल्लाद बताया।

इसके साथ ही आगामी 25  मार्च को संविदाकर्मियों ने सरकार को बड़े आंदोलन की भी चेतावनी दी है।जिसके चलते सरकार ने संविदाकर्मियों की मांगों पर विचार करने का फैसला लिया है।सीएम ने सभी संविदाकर्मियों को नियमित किए जाने का आश्वसन दिया है। उन्होंने कहा कि संविदाकर्मियों का जीवन अस्थिर रहता है। इसलिए प्रदेश के सभी संविदाकर्मियों को इसी महीने सीएम हाउस बुलाया जाएगा। लेकिन इस आश्वासन के बावजूद संविदाकर्मी अपनी हड़ताल आज भी जारी रखे हुए है।

बता दे कि मांगों को लेकर 25 मार्च  को ढाई लाख संविदा कर्मी भोपाल मे अपने परिवार के साथ आकर संविदा ग्राम की रचना कर बड़ा आंदोलन करने वाले है।इसके लिए उन्होंने सरकार को चेतावनी भी दी है कि इसी पूरी जवाबदारी  शासन/प्रशासन की होगी।कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है, जिसके चलते सरकार ने संविदाकर्मियों की मांगों पर विचार करने का मन बना लिया है।सरकार के द्वारा बर्खास्तगी के आदेश के बावजूद प्रदेश के संविदाकर्मी सरकार के आगे झुकने को तैयार नही है।

ये है मांगे

नियमितिकरण के साथ ही अप्रेजल प्रक्रिया बंद करने और पूर्व में निष्कासित संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर  अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खाली पदों पर संविलियन करने की मांग की है। 

मांगे पूरी ना होने तक जारी रहेंगी हड़ताल

कर्मचारियों का आरोप है कि संविदा कर्मचारी अधिकारी विभिन्न विभागों में करीब 15-20 साल से कार्यरत हैं और अपने नियमितीकरण एवं समान कार्य, समान वेतन की मांग को लेकर कई बार आंदोलन कर चुके हैं। शासन द्वारा आश्वासन दिया जाकर कोई कार्रवाई आज तक नहीं की गई है। संविदा कर्मचारी अपने आप को शोषित और ठगा सा महसूस कर रहे हैं, जबकि शासन ने बगैर कोई परीक्षा दिए भर्ती किए गए संविदा गुरुजियों एवं शिक्षाकर्मियों को नियमित कर दिया है।हमारी मांग है कि सभी सविंदा कर्मचारियों को एनएचएम, अन्य परियोजनाओं, स्वास्थ्य में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, संविलियन किया जाए एवं सेवा से निष्कासित कर्मचारियों की बहाली की जाए। जब तक मांग पूरी नहीं होगी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल से वापस नहीं आएंगे। 

गौरतलब है कि प्रदेश भर के करीब ढाई लाख संविदाकर्मी नियमितकरण को लेकर लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे जिसका भरोसा सरकार ने 2013 के विधानसभा चुनाव मे भी दिया था पर आज तक इनकी नियमतिकरण नही हुई है लिहाजा अब अमरण अनशन पर बैठे कर्मचारीयो ने सरकार के खिलाफ आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है।संविदाकर्मी ने साफ तौर पर सरकार को चेताया है कि कमल के फूल पर विश्वास करके गलती हुई पर आने वाले अब विधानसभा के चुनाव मे प्रदेश भर के संविदाकर्मी सरकार से लड़ने के लिए तैयार है।