ASIAN GAMES: 16 साल के शूटर सौरभ ने देश को दिलाया गोल्ड, 50 लाख और नौकरी का ऐलान

नई दिल्ली| एशियाई खेल 2018 में भारत की झोली में तीसरा गोल्ड आया है| भारत के 16 वर्षीय निशानेबाज सौरभ चौधरी ने पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में 240.7 अंक लेकर गोल्ड मेडल हासिल किया। एशियन गेम्स में छोटी उम्र में ऐसा करनामा करने वाले वो पहले भारतीय निशानेबाज हैं|इसी इवेंट में भारत के ही अभिषेक वर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया| सौरभ चौधरी के स्वर्ण पदक जीतने पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी। उन्होंने सौरभ को राज्य सरकार की ओर से 50 लाख रुपए का पुरस्कार और राजपत्रित नौकरी देने का ऐलान किया।

अभिषेक वर्मा 219.3 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। जापान के तोमोयुकी मतसुदा, जो लंबे समय तक आगे चल रहे थे, ने 239.7 अंकों के साथ सिल्वर मेडल जीता। वहीं, 37 वर्षीय अनुभवी निशानेबाज संजीव राजपूत ने 50मीटर 3 पोजिशन इवेंट में 452.7 अंकों के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया । इसके अलावा भारत की पहलवान दिव्या काकरन ने मंगलवार को फ्रीस्टाइल 68 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता है,  इससे पहले वह 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।  

गुब्बारों पर निशाना लगाकर सीखी निशानेबाजी, बचपन से ही था शौक 

सौरभ चौधरी के स्वर्ण पदक जीतने पर उत्तरप्रदेश में ख़ुशी की लहार है, वह मेरठ के कलीना गांव के रहने वाले हैं| सौरभ ने जूनियर वर्ल्ड कप में तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किये, फिर ओलंपिक के बाद  सबसे मुश्किल खेल माने जाने वाले एशियाड में उन्होंने वो कमाल कर दिखाया, जिसका सपना बड़े-बड़े शूटर देखते हैं|  सौरभ बागपत के बिनौली के वीर शाहमल राइफल क्लब में कोच अमित श्योराणा की देखरेख में अभ्यास करते हैं| इसके अलावा मशहूर शूटर रहे जसपाल राणा ने भी उनके हुनर को निखारने में अहम भूमिका निभाई है| उनके बड़े भाई नितिन ने बताया कि सौरभ को बचपन से ही निशाने लगाने का शौक था। वह गांव और आसपास में लगने वाले मेलों में जाकर वहां गुब्बारों पर निशाना लगाता था और इनाम जीतता था। 2015 में जब वह 13 साल का था तब उसने पहली बार निशानेबाजी का अभ्यास शुरू किया।