महेंद्र सागर तालाब की आमजन ने की चिंता, 27 मई से निकालेंगे पदयात्रा

टीकमगढ़।आमिर खान। सूखे महेन्द्र सागर तालाब की वर्तमान दुर्दशा से चिन्तित टीकमगढ़ के नागरिक 27 मई को महेन्द्र सागर की फीडर नहर से पठा तक मौन जुलूस निकालने की तैयारी में है।

गौरतलब है कि पठा तालाब से टीकमगढ़ के महेन्द्र सागर तक आने वाली नहर जगह -जगह से टूट गई है.इसके अलावा बीस फुट चौड़ी नहर अतिक्रमण के कारण बहुत संकरी हो गई है.आस-पास के  दबंग कृषकों ने

नहर के किनारे तक  अपने खेत की बागड़ फैला दी है.सिंचाई विभाग ने मप्र शासन को छह करोड़ रूपये के लगभग का प्रस्ताव भेजा था.जिससे पठा तालाब की पोषक नहर को पक्का बनाया जाना था. पठा तालाब का ओवर फ्लो इस नहर से महेन्द्र सागर और महेन्द्र सागर का ओवर फ्लो बंडा पोषक नहर के जरिए वृंदावन तालाब को पानी से लबरेज़ करता है.इसी छह करोड़ की धनराशि से बंडा पोषक नहर भी दुरूस्त होनी थी.बरसात का मौसम मुहाने पर है और अभी नहर का काम शुरू हुआ वह भी बिना बजट के....?उम्मीद है कि नागरिकों के  समूह की पदयात्रा के  कार्यक्रम से जनप्रतिनिधियों  और जिले की प्रशासनिक मशीनरी में चेतना और चौकन्नापन आएगा.कामचलाऊ ही सही काम तो होगा और महेद्र सागर इस बरसात में एक बार फिर खिलखिलाएगा/मुस्करायगा इसकी विशाल लहरे तट से टकरा कर नगरवासियों को सुकून और वाटर लेबल ठीक रहने का आश्वासन देंगी।