रामराजा के दरबार से शुरू हुई दिग्गी की नई पारी, रूठे कांग्रेसियों को मनाकर ही लौटेंगे

टीकमगढ़|  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए ओरछा के रामराजा मंदिर से एकता यात्रा की शुरुआत कर दी है| छह माह लम्बी धार्मिक यात्रा के बाद अब दिग्विजय अपनी इस राजनीतिक यात्रा के द्वारा प्रदेश भर में कांग्रेसियों को एकजुट करने की कोशिश करेंगे| गौर करने वाली बात यह है कि दिग्विजय की इस यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी भी साथ रहे| सत्यव्रत को दिग्विजय का धुरविरोधी माना जाता है| दो विरोधी नेता अपनी बीच मतभेद भूलकर पार्टी में एकता की लहर लेकर निकले हैं| आने वाले दिनों में यह समीकरण भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं| अपनी यात्रा शुरू करने के बाद दिग्विजय ने कहा जहां भाजपा के नेता फिटनेस चैलेंज में जी रहे हैं वही देश में लगातार पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं।

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अब कांग्रेस पार्टी भी जोर पकड़ती जा रही है चुनाव में जीत की तैयारियों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए एकता यात्रा शुरू की है कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस यात्रा का शुभारंभ आज ओरछा के रामराजा मंदिर किया| इस यात्रा में कांग्रेस के दिग्गज नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी और कई कार्यकर्ता भी शामिल हुए हैं| कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह आज अपनी पत्नी अमृता सिंह के साथ सबसे पहले राम राजा मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने भगवान श्रीराम राजा के दर्शन किए और उसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एकता यात्रा का शुभारंभ किया|

दिग्विजय ने कहा कि हमारी विचारधारा की लड़ाई है और उस विचारधारा के खिलाफ लड़ाई है, जिससे महात्मा गांधी की हत्या हुई, ऐसी विचारधारा को हम देश से खत्म करना चाहते हैं। उनका कहना है कि भाजपा की सरकार में किसान मजदूर व्यापारी और कर्मचारी हर कोई परेशान है|  इस सरकार में लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ी हैं और भाजपा पार्टी के नेता फिटनेस चैलेंज में लगे हुए हैं।

दिग्विजय ने यात्रा को लेकर कहा सभी कार्यकर्ता मिलकर संकल्प ले और चुनाव चिन्ह को लेकर कांग्रेस को जिताये|  बस इस यात्रा का यही उददेश्य है, आज हमारी लडाई विचारधारा की लडाई है भाजपा फूट डालों राज करो की राजनीति कर रही है जो उसने अग्रेजो से सीखी है| हिन्दुओं और मुसलमानो को बाट दिया, दलितों और सवर्णो को बाट दिया है।