यह हैं रियल हीरो

भोपाल|  देश में अपराध बढ़ें और अपराध करने के तरीके भी बदले हैं, कदम कदम पर खतरा है और ऐसे ही खतरों से आम जान और देश को सुरक्षा प्रदान करने और कानून को प्रमुखता से लागू करने का जिम्मा होता है पुलिस अधिकारियों पर | लेकिन राजनीति, भ्रष्टाचार, और वर्तमान में हर मौके पर खड़ी चुनातियों से गुजर कर अपने कर्त्तव्य के प्रति बफादार रहकर देश सेवा करना आसान नहीं होता| ऐसी चुनौतियों को स्वीकार करना, ऐसी जिम्मेदारी की कल्पना करना मुश्किल हो सकता है। एक पुलिस अधिकारी की नौकरी करने के लिए यह एक निश्चित प्रकार का व्यक्ति ही जन्म लेता है जो अपने स्वयं से ज्यादा अन्य व्यक्ति की सुरक्षा के बारे में अधिक चिंता करता है जो दबाव में रहकर भी समस्याओं को हल कर सकता है| ऐसी ही खूबियां बहुत कम पुलिस अफसरों में होती है| साल 2017 ख़त्म होने को है, हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही एक आईपीएस अफसर के बारे में जिन्होंने अपनी  ईमानदारी और कड़ी मेहनत से साल को बेहतर बनाया है और अपनी एक अलग छवि निर्मित की है और अपने वरिष्ठों के भरोसे पर कायम रहते हुए सबको प्रभावित किया है|  वो है मप्र कैडर के आईपीएस अधिकारी मनीष शंकर शर्मा जिन्हे स्टेट ऑफ कैलिफोर्निया के शहर सनडिएगो में विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है| 


आईपीएस मनीष शंकर शर्मा का नाम भारतीय पुलिस में एक बहुत ही सम्मानित नाम माना जाता है जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया है और हर क्षेत्र में उन्होंने सफलता हासिल की है|  उन्हें मुंबई में नेशनल लॉ डे अवार्ड-2016 से सम्मानित भी किया गया था। शर्मा को यह अवार्ड कानून व्यवस्था कैटेगरी में विश्वव्यापी आतंकवाद को रोकने की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गया था। मालूम हो कि मनीष शंकर शर्मा 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। ये निदेशक एयरपोर्ट अथॉरिटी, टी बोर्ड ऑफ इंडिया के निदेशक भी रहे हैं।