एक दूसरे को देखा, मुस्कराए और मिल गए गले, दूर हुई तल्खियां...

ग्वालियर। मध्यप्रदेश की सियासत में सिंधिया परिवार बहुत ही चर्चित परिवार है जिसने हमेशा ही प्रदेश और देश की राजनीति को प्रभावित किया है। साथ ही इस परिवार की आपसी लड़ाई भी जग जाहिर है जो मीडिया की सुर्खिया बनी रहती है । लेकिन इस बार इस परिवार के दो सदस्यों ने गले लग कर एक सन्देश देने का प्रयास किया है। 

राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 100 वी जयंती ग्वालियरवासियों के साथ साथ पूरे देश के लिए यादगार बन गई। हर बार की तरह राजमाता की छत्री पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहाँ पुष्पांजलि अर्पित करने राजमाता की बड़ी बेटी राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, छोटी बेटी मप्र की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे। आमतौर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और यशोधरा राजे अलग अलग समय पर पुष्पांजलि देने पहुंचते हैं लेकिन इस बार दोनों एक ही समय पर पहुंचे। दोनों ने यहाँ साथ में बैठकर प्रार्थना सभा में भी हिस्सा लिया। खास बात ये रही कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दादी मां यानि अम्मा महाराज को पुष्पांजलि अर्पित की।

अपनी बड़ी बुआ वसुंधरा राजे के पास बैठकर उनसे बात की साथ ही उनके सांसद बेटे दुष्यंत सिंह से भी बातचीत की। यहाँ दुष्यंत सिंह, ज्योतिरादित्य, वसुंधरा राजे, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह, संत संतोष गुरु और उसके बाद यशोधरा राजे बैठे थे। सभी थे तो एक ही लाइन में लेकिन यहाँ ज्योतिरादित्य और यशोधरा राजे के बीच दूरियां थी। लेकिन जैसे ही कार्यक्रम ख़त्म हुआ ज्योतिरादित्य उठे वे सबसे पहले बड़ी बुआ वसुंधरा राजे के गले लगे और उनके चरण स्पर्श किये। पास में ही यशोधरा राजे खड़ी थी ज्योतिरादित्य आगे बढ़े दोनों ने एक दूसरे को देखा और गले लग गए। 

गौरतलब है कि बुआ भतीजे यानि यशोधरा राजे और ज्योतिरादित्य के बीच लम्बे समय से विवाद चल रहा है ये विवाद पारिवारिक संपत्ति को लेकर है। जिसके चलते ये दोनों कभी मंच भी शेयर नहीं करते। लेकिन अम्मा महाराज यानि राजमाता की 100 वी जयंती पर ऐसा लगा कि बुआ भतीजे के बीच तल्खियां कम हुई है । और यदि ऐसा होता है तो आने वाले समय में प्रदेश की सियासत में सिंधिया परिवार कोई नया इतिहास रचेगा।


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