Dhanteras 2018: 9 साल बाद बन रहा महासंयोग, इस तरह धन्वंतरि पूजा करने पर होगी धन की बरसात

धर्म डेस्क।

आज धनतेरस का त्यौहार है। इसे धन त्रयोदशी कहा जाता हैं।  धनतेरस का दिन कुबेर, धन्वन्तरी, यमराज और माँ लक्ष्मी की पूजा के लिए जाना जाता हैं। इस दिन को आयुर्वेद के देवता भगवान धनवंतरि के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। आज के इन इनकी पूजा करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती हैं और घर में धन की बरसात होती हैं। धन त्रयोदशी पर भगवान धनवंतरि, धनकुबेर, श्रीगणेश और माता लक्ष्मी की साथ में पूजा की जाती है।कहा जाता है कि समुद्र मंथन के समय त्रयोदशी के दिन अमृत कलश हाथ में लेकर देवताओं के वैद्य भगवान धनवंतरी प्रकट हुए थे। धनत्रयोदशी के दिन भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था और इसीलिए इस दिन को धनतेरस के रूप में पूजा जाता है। भगवान धनवंतरी की पूजा करने से आरोग्य का लाभ मिलता है। 

लेकिन क्या आपको पता है कि इस बार की धनतेरस क्यों खास है, क्योंकि इस बार धनतेरस पर एक साथ 9 महायोग बन रहे हैं। इसमें सदाशिव योग, मालव्य योग, हस्त नक्षत्र, त्रयोदशी, मास शिवरात्रि, सोम प्रदोष और हनुमान जयंती शामिल है। साथ ही व्यापार के देवता बुध की कन्या राशि पर चंद्रमा विराजमान रहेंगे।  कार्तिक माह के कृष्णपक्ष त्रयोदशी तिथि को धनतेरस से धन की देवी के उत्सव का प्रारंभ होता है। इस बार महायोग के चलते त्रयोदशी तिथि रविवार की रात 12.51 से सोमवार रात 11.47 बजे तक रहेगी। इस दिन स्थिर लग्न में की गई खरीदारी अति फलदायक होगी। 

चांदी खरीदने के पीछे क्या है रहस्य

धनतेरस के दिन चांदी खरीदने का विशेष महत्व है। इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि यह चंद्रमा का प्रतीक है, जो शीतलता प्रदान करता है और मन में संतोष रूपी धन का वास होता है। संतोष को सबसे बड़ा धन कहा गया है। चांदी के बर्तन खरीदना शुभ इस दिन घर के पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन खरीदे जाते हैं। वहीं चांदी के बर्तन खरीदना अत्याधिक शुभ माना जाता है 

खरीदारी का शुभ मुहूर्त 

धनतेरस पर सुबह 9.15 से शाम 7:55 तक खरीदारी की जा सकती है। दोपहर 12.30 बजे तक इसके लिए अत्यंत शुभ मुहूर्त रहेगा। मध्याह्न 12.10 से 1.55 तक शुभ मुहूर्त है, जबकि 12.30 से सायं 3.20 तक शुभ-लाभ मुहूर्त है। सायं 7.55 बजे तक त्योहार की खरीदारी कर सकते हैं।


कैसे करें धनतेरस की पूजा

सबसे पहले मिट्टी का हाथी और धन्वंतरि भगवानजी की फोटो स्थापित करें।

चांदी या तांबे की आचमनी से जल का आचमन करें।

भगवान गणेश का ध्यान और पूजन करें।

हाथ में अक्षत-पुष्प लेकर भगवान धन्वंतरि का ध्यान करें।


पूजा के समय इस मंत्र का करें जप

देवान कृशान सुरसंघनि पीडितांगान, दृष्ट्वा दयालुर मृतं विपरीतु कामः 

पायोधि मंथन विधौ प्रकटौ भवधो, धन्वन्तरि: स भगवानवतात सदा नः 

ॐ धन्वन्तरि देवाय नमः ध्यानार्थे अक्षत पुष्पाणि समर्पयामि


किन राशियों पर पड़ेगा कैसा असर

मेष- यदि आप धनतेरस के दिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर तेल का दीपक में दो काली गुंजा डाल दें, तो साल भर आर्थिक अनुकूलता बनी रहेगी। आपका उधार दिया हुआ धन भी प्राप्त हो जाएगा।

वृषभ- यदि आपके संचित धन का लगातार खर्च हो रहा है तो धनतेरस के दिन पीपल के पांच पत्ते लेकर उन्हे पीले चंदन में रंगकर बहते हुए जल में छोड़ दें।

मिथुन- बरगद से पांच फल लाकर उसे लाल चंदन में रंगकर नए लाल वस्त्र में कुछ सिक्कों के साथ बांधकर अपने घर अथवा दुकान में किसी कील से लटका दें।

कर्क- यदि आपको अचानक धन लाभ की आशा हो तो धनतेरस के दिन शाम के समय पीपल वृक्ष के समीप तेल का पंचमुखी दीपक जलाएं।

सिंह- यदि व्यवसाय में बार-बार हानि हो रही हो या घर में बरकत ना रहती हो तो धनतेरस के दिन से गाय को रोज चारा डालने का नियम लें।

कन्या- यदि जीवन में आर्थिक स्थिरता नहीं हो तो धनतेरस के दिन दो कमलगट्टे लेकर उन्हें माता लक्ष्मी के मंदिर में अर्पित करें।

तुला- यदि आप आर्थिक परेशानी से जुझ रहे हैं तो धनतेरस के दिन शाम को लक्ष्मीजी के मंदिर में नारियल चढ़ाएं।

वृश्चिक- यदि आप निरंतर कर्ज में उलझ रहें हो तो धनतेरस के दिन श्मशान के कुएं का जल लाकर किसी पीपल वृक्ष पर चढ़ाएं।

धनु- धनतेरस के दिन गुलर के ग्यारह पत्तों को मोली से बांधकर यदि किसी वट वृक्ष पर बांध दिया जाए, तो आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

मकर- यदि आप आर्थिक समस्या से परेशान है, किंतु रूकावटें आ रही हों, तो आक की रूई का दीपक शाम के समय किसी तिहारे पर रखने से आपको धन लाभ होगा।

कुंभ- जीवन स्थायी सुख-समृद्धि हेतु प्रत्येक धनतेरस की रात में पूजन करने वाले स्थान पर ही रात्रि में जागरण करना चाहिए।

मीन- यदि व्यवसाय में शिथिलता हो तो केले के दो पौधे रोपकर उनकी देखभाल करें तथा उनके फलों को नहीं खाएं।