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MP: 72 साल की इस महिला के फैन हुए सहवाग, टाइपराइटर पर शताब्दी की रफ़्तार से दौड़ती हैं उंगलियां

सीहोर । मेहनत और लगन के साथ सम्मान से जिंदगी जीने का हौसला हो तो कोई दीवार आपका रास्ता नहीं रोक सकती, यह साबित कर रही है सीहोर की एक 72 वर्षीया महिला| जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और टाइप राइटर पर शताब्दी की स्पीड में दौड़ती उनकी उंगलियां देखकर हर कोई हैरान है| उनकी इस कला के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र  सहवाग भी फैन हो गए हैं| उन्होंने ट्वीट कर उनके कार्य की सराहना करते हुए उन्हें सुपरवुमेन बताया है और युवाओं को उनसे सीख लेने की सलाह दी है| 

सीहोर के कलेक्ट्रेट में 72 वर्षीय लक्ष्मी बाई उम्र के इस पड़ाव में अपने टाइपिंग मशीन पर काम करने की स्पीड के कारण चर्चा में हैं| वह जब टाइपराइटर पर उंगलिया चालती है तो देखने वाले भी हैरान रह जाते हैं| लक्ष्मी बाई वर्ष 2008 से सीहोर कलेक्ट्रेट में आवेदन शिकायत सहित अन्य दस्तावेज टाइप करती है और इसी से मिलने वाली राशि से अपना ओर अपनी दिव्यांग बेटी का जीवन यापन करती है | किसी भी परिस्थिति में लक्ष्मी बाई ने हार नही मानी लक्ष्मी बाई के जीवन की संघष की कहानी की शुरुआत उनके वैवाहिक जीवन मे दरार के बाद शुरू हुई|  इंदौर के सहकारी बाजार में पेकिंग के काम के दौरान लक्ष्मी बाई ने टाइपिंग कब सीख ली उन्हें पता ही नही चला|  सहकारी बाजार बंद होने के बाद लक्ष्मी बाई अपने रिश्तेदारो के भरोसे सीहोर आई | तत्कालीन कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसडीएम भावना बिलम्बे ने लक्ष्मी बाई की टाइपिंग रफ्तार देखकर उन्हें कलेक्ट्रट में बैठने की जगह उपलब्ध कराई | बस तब से 2008 से लेकर आज तक लक्ष्मी बाई कलेक्ट्रेट के आवेदन ओर अन्य दस्तावेज टाइप कर अपना जीवन यापन कर रही है और इस उम्र में सम्मान के साथ अपना काम कर लोगों को प्रेरित कर रही है| 

टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग भी लक्ष्मी बाई के हुनर के कायल हो गए हैं| उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है- "मेरे लिए यह सुपरवुमेन हैं. युवाओं को इन अम्मा से बहुत कुछ सीखना चाहिए. यह हमें बताता है कि कोई काम छोटा नहीं होता और सीखने या काम करने की कोई उम्र नहीं होती. प्रणाम! "



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