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सरकार... ये तो सरासर अन्याय है

उज्जैन।

मध्य प्रदेश के उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर में महिलाओं को केक काटना महंगा पड़ गया है।कलेक्टर ने दोनों महिलाओं के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत की कार्यवाही की है। दोनों महिलाओं के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 व 118 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।इसके साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रूपये का जमानत मुचलका भरने के आदेश जारी किए गए है।

वही दोनों को एक माह तक मंदिर प्रवेश पर रोक का भी नोटिस दिया गया है। इतना ही नही जमानत की राशि नही भरने पर दोनों को जेल जाना पड़ भी सकता है।अब आरोपित महिलाओं को 25 मई को कोर्ट में पेश होने को कहा गया है। 

 बता दे कि प्रशासन द्वारा  दर्शनार्थियों पर पहली बार ऐसी कार्रवाई की गई है।

दरअसल, घटना 7 मई की है, जहां शिप्रा स्लीमिंग सेंटर की संचालक नंदिनी जोशी व साधना उपाध्याय सहित अन्य महिलाओं ने किसी के जन्मदिन पर नंदी हॉल में केक काटा था। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। मीडिया में समाचार प्रकाशित होने के बाद मंदिर प्रबंध समिति ने एक प्रतिवेदन एडीएम के समक्ष पेश किया था। दोनों को धारा 107, 116 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। इन्हें 25 मई को सुबह 11 बजे एडीएम कोर्ट में नोटिस का जवाब देने के लिए तलब किया है। दोनों को एक-एक लाख रु. की बांड  देना होंगे। दोनों महिलाओं को एक महीने के लिए मंदिर में प्रवेश पर रोक लगाने का नोटिस भी जारी किया है।वही इनका सहयोग करने वाली नगर सैनिक के खिलाफ कारवाई का आदेश भी हुआ है  नोटिस में कहा गया है कि इस कृत्य से मंदिर की परंपरा का उल्लंघन हुआ है। जवाब पेश करें कि क्यों न आपको एक माह के लिए मंदिर में प्रतिबंधित कर दिया जाए।


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