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सुप्रीम कोर्ट का आदेश, RO के पानी से ही होगा महाकाल का अभिषेक

 उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग क्षरण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि शिवलिंग पर केवल RO का पानी ही चढ़ाया जाएगा। यह आदेश शिवलिंग के घिसने की वजह से दिया गया है।  सुप्रीम कोर्ट ने ज्योतिर्लिंग को नुक्सान से बचाने के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से दिए गए सुझावों पर आज अपना फैसला सुनाया है| 

शिवलिंग का क्षरण रोकने की याचिका पर सुनवाई करते हुए गत पांच अप्रैल को अदालत ने कहा था कि मंदिर में भस्मारती कैसे होगी, यह हम तय नहीं करेंगे। पूजा के तरीके में हम बदलाव नहीं कर सकते। उस समय कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर कमेटी के सुझावों को मंजूरी दे दी है| अब शिवलिंग पर RO का पानी ही चढ़ाया जाएगा| इसके अलावा दूध और दूसरी पूजन सामग्री सीमित करने को भी मंजूरी दे दी है|  कोर्ट ने कहा है कि मंदिर प्रशासन जनवरी तक इस व्यवस्था को लागू कर दे। 

 दरअसल, महाकाल में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पूजन सामग्री चढ़ाने से शिवलिंग का क्षरण हो रहा था|  इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कई निर्देश जारी किए थे| इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है| उल्लेखनीय है कि इससे पहले अपना आदेश सुरक्षित रखते हुए कोर्ट ने महाकाल मंदिर की परंपराओं में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने तब कहा था कि मंदिर में किस तरह से पूजा-अर्चना हो, यह तय करना कोर्ट का काम नहीं है। हालांकि कोर्ट ने सिर्फ शिवलिंग को नुकसान से बचाने पर सुनवाई की। पिछले साल अक्तूबर में कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन के तरफ से सुझाए गए कुछ उपायों पर सहमति जताई थी, इसके बाद से शिवलिंग पर RO पानी चढ़ाया जा रहा है।

 

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