तुलाई के इंतजार में किसान की मौत, चौतरफा घिरी शिवराज सरकार

भोपाल/विदिशा।

मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के  लटेरी में उपज की तुलाई का 4 दिन से इंतजार कर रहे किसान की मौत को लेकर राजनीति गर्मा गई है। चुनावी साल में किसान की मौत के बाद भाजपा चौतरफा घिरती हुई नजर आ रही है।अब किसान की मौत के बाद से ही विपक्ष ने सत्तापक्ष पर हमले करना शुरु कर दिए है। विपक्ष ने किसान की मौत का जिम्मेदार शिवराज सरकार को ठहराया है।इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और  कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत ने सरकार पर तीखे वार किए है।

दरअसल, सोमवार को किसान मूलचंद मीणा (65) चने की फसल लेकर लटेरी मंडी पहुंचा था। उसके चने की तुलाई चार दिन से नहीं हो पा रही थी। चार दिन से तुलाई का इंतजार कर रहा था, तपती धूप में किसान बेहाल हो चुका था। गुरुवार को सुबह टॉयलेट से लौटा तो अचानक चक्कर खाकर ट्रैक्टर के पास गिर गया और वहीं उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि किसान चार दिन से मंडी में रात गुजार रहा था।  इससे नाराज होकर किसानों ने चक्काजाम कर दिया है। इसके बाद आनन-फानन में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आक्रोशित किसानों को मनाने पहुंचे थे।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जिला प्रशासन ने मृतक किसान के परिजनों को तत्काल 4 लाख रुपए की मदद देने की घोषणा भी की है।

किसान की मौत को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है।उन्होंने सरकार और प्रशासन को  किसान की मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। रावत ने ट्वीटर के माध्यम से लिखा है कि कृषि उपज मंडी लटेरी मे अपनी फसल चना तुलाने आये किसान मूलचन्द की मौत दुर्भाग्यपूर्ण  यह प्रदेश की व्यवस्था को उजागर करती है। शिवराज अब तो जागो। मूलचंद को विनम्रश्रद्धांजलि।


वही किसान की मौत को लेकर पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने भी ट्वीट कर सरकार को घेरा है। उन्होंने लिखा है कि विदिशा में चने की तुलाई का 4 दिन से कर रहे किसान की मौत शिवराज सरकार किसान हत्यारी सरकार है।


डॉक्टर आनंद रॉय ने भी किया ट्वीट

आरटीआई कार्यकर्ता और व्यापमं के व्हिसल ब्लोअर आंनद रॉय ने भी किसान की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है । उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि सुषमा स्वराज के संसदीय क्षेत्र और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह जिले की खबर है ।सिर्फ एक किसान मरा है मूलचंद्र नाम था पांच दिन से खरीद केंद्र पर अपनी फसल बेचने के लिए रुका हुआ था,बेचना तो दूर फसल तौलने के लिए नंबर ही नहीं आया,पांचवे दिन धूप लगी और वो इंतज़ार में ही मर गया ।


AAP  ने त्यागा अन्न

आप आदमी पार्टी के नेता और प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने किसान की मौत और कर्ज के लिए २६ मई से अन्न त्यागने का फैसला लिया है। उन्होंने ट्वीटर के माध्यम से लिखा है कि किसान को सिर्फ मौत मिल रही है, फसल के दाम न मिलने से, कर्ज से, फसल खराब होने से, तपती गर्मी में इंतजार करने से किसान के अन्न का कर्ज उतारने के लिये मैं 26 मई से अन्न त्याग रहा हूँ। आप जरूर आयें