जानलेवा है 'निपाह वायरस', ऐसे करे खुद का बचाव

हेल्थ डेस्क।

खतरनाक वायरस "निपाह" तेजी से पूरे देश में फैल रहा है।दिल्ली-एनसीआर समेत सभी राज्यों में इस अज्ञात इन्फेक्शन के चलते हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इसका कोई ईलाज नहीं है और मरीज 24 घंटे के अंदर "कोमा" में चला जाता है। यह बीमारी संक्रमित सुअरों और चमगादड़ों द्वारा फैल रही हैं।जैव श्रृंखला प्रवेश करने वाला यह नवीनतम वायरस है। इसकी वैक्सीन और दवाइयां अभी प्रयोग के स्तर पर ही हैं। Intensive Care के अलावा इसका फिलहाल कोई भी इलाज नही है ।इसका असर कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश जैसे अन्य राज्यों में ज्यादा फैल रहा है।अब तक देश में इस खतरनाक विषाणु से मरने वालों की संख्या 11 हो गई है।

WHO के मुताबिक, निपाह वायरस चमगादड़ की एक नस्ल में पाया जाता हैष यह वायरस उनमें प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है। चमगादड़ जिस फल को खाती है, उनके अपशिष्ट जैसी चीजों के संपर्क में आने पर यह वायरस किसी भी अन्य जीव या इंसान को प्रभावित कर सकता है। ऐसा होने पर ये जानलेवा बीमारी का रूप ले लेता है। ये वायरस तीन फलों केला खजूर और आम में हो सकता है।इसलिए कोशिश करे कि ये धोकर ही खाए या ना खाए।

वही इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आम जनता और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि ताड़ी, जमीन पर पड़े पहले से खाए हुए फलों का सेवन करने और इस्तेमाल में ना लाए। कुओं में ना जाने तथा केवल ताजा फल खाने की सलाह दी है। परामर्श में सूचना दी गई है कि चमगादड़ , सूअर , कुत्ते , घोड़ों जैसे जानवरों में फैलने वाला निपाह विषाणु जानवरों से मनुष्यों में भी फैल सकता है और इससे कई बार मनुष्यों को गंभीर बीमारी भी हो सकती है, इनसे दूरी बनाए रखे।

क्या हैं निपाह (NiV) के लक्षण

मनुष्‍यों में निपाह वायरस, encephalitis से जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से ब्रेन में सूजन आ जाती है। बुखार, सिरदर्द, चक्‍कर, मानसिक भ्रम, कोमा और आखिर में मौत, इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। 24-28 घंटे में यदि लक्षण बढ़ जाए तो इंसान को कोमा में जाना पड़ सकता है। कुछ केस में रोगी को सांस संबंधित समस्‍या का भी सामना करना पड़ सकता है। 

लक्षण;

1.बुखार

2.सिरदर्द

3.दिमागी संदेह (भ्रम)

4. उल्टियां

5. मांसपेशियों में दर्द

6. निमोनिया के लक्षण

7. हल्की बेहोशी

8. दिमागी सूजन


ऐसे रखे खुद को सुरक्षित 

1.सुअरों से दूर रहें।

2.ऐसे फल न खाएं, जिन्हें पक्षियों ने काटा हो। फलों को बहुत सावधानी से खरीदें और बाहर के खुले में मिलने वाले जूस का सेवन जरा भी न करें।

3.खजूर न खाएं।

4.चमगादड़ों के आवास के आस पास भी न जाएं।

5.कोई भी यात्रा अत्यावश्यक हो तो ही करें, संभव हो तो न ही करें।

6.चूंकि यह virus अत्यधिक संक्रामक है, इसीलिए बाहर का कुछ भी न खाएं, न पिएं।

7.चूंकि यह सुअरों से भी फैलता है, इसीलिए मांसाहार से भी बचें और ऐसी जगहों से भी, जहां मांसाहार का क्रय विक्रय होता है।

8.अगर कोई भी व्यक्ति संक्रमित होता है, तो तुरंत उसे इंटेंसिव केअर दें और उनके इस्तेमाल की किसी भी वस्तु को अलग रखें।