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Fri, Dec 12, 2025

मिट्टी के दीपक और लक्ष्मी गणेश देखकर रुके सीएम डॉ मोहन यादव, की खरीददारी, जाना दुकानदारों का हाल, दिया Vocal for Local का संदेश

Written by:Atul Saxena
मुख्यमंत्री ने मिट्टी के दीपक देखकर अपना काफिला रुकवाया और गाड़ी से नीचे उतरकर मिट्टी के दीपक और मिट्टी के लक्ष्मी गणेश ख़रीदे।

Vocal for Local : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल पहल का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी प्रदेशवासियों से स्थानीय और छोटे दुकानदारों से अधिक खरीददारी करने की अपील की है, सीएम ने सिर्फ अपील ही नहीं की है बल्कि आज उन्होंने फुटपाथ पर बैठे दुकानदारों से मिट्टी के दीये और मिट्टी के लक्ष्मी गणेश ख़रीदे, विशेष बात ये भी है मुख्यमंत्री के साथ मौजूद एक अधिकारी ने जब इसके पैसे देने चाहे तो उन्होंने उसे रोकते हुए जेब से पर्स निकाला और दुकानदार को पेमेंट किया ।

क्या छोटे क्या बड़े… क्या अमीर क्या गरीब… सबके घर में खुशियाँ आये इसी उद्देश्य से वोकल फॉर लोकल की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी इसके पक्षधर हैं, उन्होंने इसीलिए आज धनतेरस (29 अक्टूबर) से देवउठनी एकादशी (ग्यारस, 11 नवम्बर) तक सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रेहड़ी पटरी पर अस्थाई रूप से विक्रय करने वाले छोटे दुकानदारों को बाजार एवं तह बाजार के कर/शुल्क आदि से मुक्त रखने के निर्देश दिए हैं। ऐसा करने से स्थानीय उत्पादों की बिक्री करने वाला वर्ग, गरीब परिवार आनंद से अपने स्वदेशी उत्पाद खिलौने, मिट्टी के उत्पाद, साज सज्जा का सामान आदि का विक्रय करके अपने परिवार के साथ दीपों का पर्व हर्षोल्लास से मना सकेगा।

गाड़ी से उतरे, मिट्टी के लक्ष्मी गणेश ख़रीदे, अपनी जेब से दिए पैसे  

आज मुख्यमंत्री जब टीटी नगर से गुजर रहे थे तभी फुटपाथी दुकानदारों पर उनकी नजर पड़ी उन्होंने मिट्टी के दीपक देखकर अपना काफिला रुकवाया और गाड़ी से नीचे उतरकर मिट्टी के दीपक और मिट्टी के लक्ष्मी गणेश ख़रीदे, मुख्यमंत्री ने दुकानदार से उसका हालचाल जाना और खुद अपनी जेब से पर्स निकालकर उसको पेमेंट किया।

वीडियो सन्देश में भी वोकल फॉर लोकल की अपील कर चुके हैं  

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों एक वीडियो सन्देश में एक अपील भी की थी कि हमें पर्यावरण को स्वच्छ रखने और छोटे दुकानदारों की आय बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए, यदि हम फुटपाथ पर व्यापार करने वाले रेहड़ी पटरी वालों से उनके हाथ से बना सामान खरीदेंगे तो उन्हें आमदनी होगी जिससे उनकी दिवाली भी अच्छे से मना  सकेगी।