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सीएम डॉ. मोहन यादव ने महिला बाल विकास विभाग और सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली, लाड़ली लक्ष्मी योजना में स्कूल ड्रॉपआउट पर सख्त निगरानी के निर्देश

Written by:Shruty Kushwaha
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मुख्यमंत्री ने कुपोषण मुक्त प्रदेश, ब्रेस्टफीडिंग जागरूकता, शहरी आंगनवाड़ियों में सेंट्रल किचन, नौ हज़ार नए आंगनवाड़ी भवन और प्री-स्कूल शिक्षा में निवेश जैसे प्रमुख लक्ष्य तय किए गए। वहीं, सहकारिता विभाग की बैठक में छह जिलों के सहकारी बैंकों को 50 करोड़ की अंश पूंजी दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने महिला बाल विकास विभाग और सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली, लाड़ली लक्ष्मी योजना में स्कूल ड्रॉपआउट पर सख्त निगरानी के निर्देश

WCD Department Review

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मंत्रालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर उन्होंने “लाड़ली लक्ष्मी योजना” से जुड़ी जानकारी ली, ड्रॉप-आउट स्थिति पर निगरानी रखने सहित आगे की रणनीति को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए।

इसी के साथ उन्होंने मंत्रालय में सहकारिता विभाग की भी समीक्षा बैठक की। बैठक में अपेक्स बैंक द्वारा राज्य सरकार को दिया जाने वाला 4.27 करोड़ की डिविडेंड राशि का चेक प्रदान किया गया। बैठक में बताया गया कि छह जिला सहकारी बैंक जबलपुर, रीवा, सतना, ग्वालियर, दतिया और शिवपुरी का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा और हर बैंक को शासन द्वारा 50 करोड़ की अंश पूंजी दी जाएगी। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने ली महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक

सीएम मोहन यादव ने आज मंत्रालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली जिसमें कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया भी उपस्थित रहीं। बैठक में मुख्यमंत्री ने लाड़ली लक्ष्मी योजना की बेटियों के स्कूल ड्रॉप-आउट पर गहरी चिंता जताते हुए अधिकारियों को सख्त निगरानी रखने और इसे पूरी तरह रोकने के ठोस निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े हर कार्यक्रम में पारदर्शिता तथा प्रभावी क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता है और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों का ड्रॉप-आउट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

तीन वर्षों में प्रदेश को पूरी तरह कुपोषण मुक्त बनाने की योजना

इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अगले तीन वर्षों में प्रदेश को पूरी तरह कुपोषण मुक्त बनाने के लिए फुल-प्रूफ कार्ययोजना तैयार करने के साथ-साथ ब्रेस्ट फीडिंग के प्रति व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए है। भविष्य के प्रमुख लक्ष्यों में 2026 से शहरी आंगनवाड़ियों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन शुरू करना, 2047 विजन के अनुरूप शाला-पूर्व शिक्षा में बड़ा निवेश, निपुण भारत मिशन के तहत विकास कार्ड से गुणवत्ता सुधार, 34 लाख बालिकाओं को निरंतर छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन तथा अगले तीन वर्षों में 9,000 नए आंगनवाड़ी भवन बनाना शामिल है।

सीएम ने की नवाचारों की सराहना

इस अवसर पर विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भर्ती के लिए देश का पहला ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर डिजिटल पारदर्शिता में अग्रणी स्थान बनाया है। रिक्त 19,500 पदों में से 9,948 पदों पर नियुक्ति आदेश जारी हो चुके हैं और अन्य पर प्रक्रिया तेजी से चल रही है। टेक-होम राशन की FRS प्रक्रिया, लाभार्थी वितरण की डिजिटल मॉनिटरिंग, ट्रैकिंग सिस्टम तथा 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था को भी केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा की है।  मुख्यमंत्री ने भोपाल, झाबुआ, डिंडोरी, देवास, नीमच सहित विभिन्न जिलों में किए गए करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पूरे देश के लिए एक मिसाल बन रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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