शिवराज से मिले कांग्रेस नेता गोविंद गोयल, अटकलों का बाजार गर्म

6286
congress-leader-govind-goyal-meeti-shivraj-and-statement-on-digvijay-singh-ticket

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह के नाम पर मुहर लगा दी है। उनका नाम फाइनल होते ही कई दावेदारों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। इस बीच रविवार को कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की| जिसके बाद अटकलबाजियों का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस नेता गोविंद गोयल भी भोपाल से टिकट के लिए ताल ठोक रहे थे। इससे पहले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। वह मध्य और दक्षिण-पश्चिम सीट से दावेदारी कर रहे थे। लेकिन पार्टी ने दोनों ही सीटों पर उनको टिकट नहीं दिया। अब लोकसभा चुनाव में भी निराशा ही हाथ लगी। हालांकि, गोयल भी दिग्विजय सममर्थक माने जाते हैं।  हालांकि वे इस मुलाकात और नाराजगी पर खुलकर बोलने से बचते रहे। 

मीडिया से चर्चा के दौरान गोयल ने कहा कि दिग्विजय सिंह को टिकट देना हाईकमान का फैसला है। उन्होंने कहा कि मैं संतुष्ट हूँ या नहीं इससे क्या फर्क पड़ता है, न मैं इलेक्शन कमेटी में हूँ न जनरल सेक्रेटरी हूँ मैं तो एक कार्यकर्ता हूँ।  टिकट देना न देना हाईकमान का फैसला। मैं हर स्थिति में खुश हूं मुस्कुराता रहता हूं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने कुछ बेहतर सोच कर ही दिग्विजय सिंह को टिकट दिया होगा। कार्यकर्ता को नजरअंदाज करने पर उन्होंने कहा कि वह पार्टी के कोश अध्यक्ष हैं। वह इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। भीड़ जुटाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बड़ी पार्टी है, करोड़ों लोग हैं। इस मसले पर आप सीएम से चर्चा करिए। पार्टी को भोपाल से जीत मिलेगी। वहीं शिवराज से मुलाक़ात पर गाेयल ने मीडिया से कहा कि वे अक्सर नेताओं से मिलते रहते हैं। यह भी इसी तरह की मुलाकात थी।

गौरतलब है कि तीन साल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और दस साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह को भोपाल से लोकसभा प्रत्याशी बनाने के पीछे कांग्रेस का विशेष रणनीति है. माना जाता है कि दिग्विजय सिंह की भोपाल क्षेत्र की सभी आठों विधानसभा सीटों पर मज़बूत पकड़ है| कांग्रेस के आलावा भाजपा में भी उनका दखल है. पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर से उनके संबंध जग ज़ाहिर हैं. इसी तरह सीहोर से विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश सक्सेना का झुकाव भी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस के प्रति बढ़ा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here