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“अजाक्स का संतोष वर्मा से कोई संबंध नहीं” संगठन ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
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अजाक्स ने अपने पत्र में लिखा है कि संतोष वर्मा न तो अजाक्स के अधिकृत सदस्य हैं और न ही उन्हें कभी वैधानिक रूप से कोई पद सौंपा गया। इसी के साथ स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा वर्ग विशेष की बहन-बेटियों को लेकर दिया गया बयान संगठन का आधिकारिक दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि पूरी तरह व्यक्तिगत अपराध है।
“अजाक्स का संतोष वर्मा से कोई संबंध नहीं” संगठन ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की मांग

Santosh Verma

आपत्तिजनक बयान के बाद विवादों में घिरे आईएएस संतोष वर्मा को लेकर अजाक्स ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। इस पत्र में लिखा गया है कि संतोष वर्मा अजाक्स संगठन के अधिकृत सदस्य भी नहीं हैं और अजाक्स के पूर्व प्रांतध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस जेएन कंसोटिया ने संतोष वर्मा को संगठन की छवि धूमिल करने के लिए अनाधिकृत रूप से प्रांताध्यक्ष नियुक्त किया है।

अजाक्स के प्रांतीय महासचिव मुरारीलाल लिधोरिया द्वारा लिखे गए इस पत्र में उल्लेख है कि इस पूरे प्रकरण में उनके संगठन की छवि खराब हुई है। उन्होंने कहा कि संतोष वर्मा द्वारा दिए गए विवादित वक्तव्य को व्यक्तिगत अपराध माना जाए और इससे संगठन का कोई वास्ता नहीं है। इसी के साथ संतोष वर्मा पर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।

अजाक्स ने संतोष वर्मा से जुड़े विवाद को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारियों व कर्मचारियों के संगठन अजाक्स ने आईएएस संतोष वर्मा के विवादित बयान को अमर्यादित बताया है। अजाक्स के प्रांतीय महासचिव ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखा है और संतोष वर्मा पर संगठन में अनाधिकृत घुसपैठ का आरोप लगाते हुए कहा है कि अजाक्स का इस विवादास्पद बयान से कोई लेना-देना नहीं है। पत्र में लिखा गया है कि ‘जे.एन. कॉमोटिया, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं पूर्व प्रांताध्यक्ष अजाक्स ने सोची-समझी रणनीति के तहत संघ विधान के विपरीत जाकर अजाक्स संगठन की जनमानस में छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सेवानिवृत्ति के बाद अनाधिकृत रूप से अजाक्स का प्रांतीय अधिवेशन डॉ. अंबेडकर मैदान, तुलसी नगर, भोपाल में दिनांक 23 नवंबर को आयोजित किया। इस कार्यक्रम में पूर्व से विवादित संतोष वर्मा को अनाधिकृत लोगों द्वारा संगठन की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से अजाक्स का प्रांतीय अध्यक्ष घोषित किया गया है। जबकि उक्त व्यक्ति अजाक्स संगठन का अधिकृत सदस्य भी नहीं है। हमारे द्वारा इस प्रकार के किसी अधिकारी कर्मचारी को वैधानिक रूप से संगठन में किसी भी पद पर चयनित या मनोनीत नहीं किया गया है, न ही उन्हें प्राथमिक सदस्यता प्रदान की गई है।’

विवादित बयान को लेकर आईएएस पर कानूनी कार्रवाई की मांग  

अजाक्स द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि संतोष वर्मा के द्वारा वर्ग विशेष की बहन बेटियों को टार्गेट करके जो अमर्यादित वक्तव्य दिए गए हैं, उनसे सामाजिक सौहार्द तो प्रभावित हुआ ही है साथ ही अजाक्स संगठन की छवि भी धूमिल हुई है। यह व्यवहार सामाजिक सद्भावना और समरसता के पूर्णतः विरुद्ध है, जिसे अजाक्स संगठन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं कर सकता। पत्र में लिखा है कि ‘अजाक्स संगठन अनुसूचित जाति–जनजाति वर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हक–हकूक की रक्षा के लिए वैधानिक रूप से संघर्षरत एक सशक्त मंच है। संतोष वर्मा के उक्त आचरण संगठन के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।’ साथ ही मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि अगर भी व्यक्ति संगठन के नाम पर भविष्य में राष्ट्र-विरोधी या सामाजिक सौहार्द के खिलाफ कोई बयान देता है तो उसपर कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाए।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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