भारत के 47वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस एसए बोबडे, MP से रहा है खास नाता

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भोपाल/नई दिल्ली।

देश के अगले चीफ जस्टिस के रूप में आज सोमवार को जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने शपथ ग्रहण की।।  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उन्हें राष्ट्रपति भवन में एक विशेष आयोजन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। वे पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की जगह लेंगे। 

जस्टिस बोबडे का चीफ जस्टिस के रूप में कार्यकाल 18 महीने का रहेगा और वो 23 अप्रैल 2021 को इस पद से रिटायर होंगे।12 अप्रैल 2013 को उनकी पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में हुई। इस दौरान कई अहम फैसलों में उनकी भूमिका रही। अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर फैसला सुनाने वाली 5 जजों की बेंच में जस्टिस बोबड़े भी थे।जस्टिस बोबडे सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज हैं। वे 23 अप्रैल 2021 को रिटायर होंगे।

शरद अरविंद बोबडे का एमपी से कनेक्शन

शरद अरविंद बोबडे का जन्म नागपुर में हुआ था। जस्टिस शरद अरविंद ने नागपुर विश्वविद्यालय से बी.ए. और एल.एल.बी डिग्री ली है।वो महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, मुंबई और महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नागपुर के चांसलर भी हैं।  शरद अरविंद बोबडे अपर न्यायाधीश के रूप में 29 मार्च, 2000 को बॉम्बे हाई कोर्ट की खंडपीठ का हिस्सा बने। उन्होंने 16 अक्टूबर, 2012 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। 12 अप्रैल, 2013 को जस्टिस बोबडे सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बने थे।

कौन है जस्टिस बोबड़े

-जस्टिस बोबड़े  का जन्म 24 अप्रैल 1956 में महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ।उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से कला एवं कानून में स्नातक किया था।

-वर्ष 1978 में महाराष्ट्र बार परिषद में उन्होंने बतौर अधिवक्ता अपना पंजीकरण कराया.

बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ में 21 साल तक सेवाएं देने के बाद जस्टिस बोबड़े वर्ष 1998 में  वरिष्ठ अधिवक्ता बने।

-बोबड़े को 29 मार्च 2000 को बॉम्बे उच्च न्यायालय के एक अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।

-16 अक्टूबर 2012 को जस्टिस बोबड़े मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने।

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