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केन-बेतवा परियोजना में फिर एलाइनमेंट बदलने का प्रस्ताव! उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कहा “मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार और कर्ज की चौगुनी तरक्की”

Written by:Shruty Kushwaha
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विपक्ष का आरोप है कि एलाइनमेंट का बदलाव अधिकारियों और प्रभावशाली कॉलोनियों को बचाने के लिए किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष कहा है कि परियोजना वर्षों बाद भी अव्यवस्थित है, प्रदेश पर कर्ज बढ़ता जा रहा है और जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है।
केन-बेतवा परियोजना में फिर एलाइनमेंट बदलने का प्रस्ताव! उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कहा “मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार और कर्ज की चौगुनी तरक्की”

Umang Singhar

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में है और वजह है एक बार फिर इसका एलाइनमेंट बदलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसे लेकर कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि डबल इंजन की सरकार जनता की गाढ़ी कमाई पर पानी फेर रही है और मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार और कर्ज चौगुनी तरक्की कर रहे हैं।

कांग्रेस इससे पहले भी इस परियोजना में देरी है, लागत बढ़ने और पर्यावरणीय क्षति के आरोप लगा चुकी है। अब एक बार फिर उसने कहा है कि इतने वर्षों के बाद भी परियोजना की स्थिति अव्यवस्थित और अस्पष्ट है और कोई इसकी जवाबदेही लेने को तैयार नहीं है।

केन-बेतवा परियोजना में फिर एलाइनमेंट बदलने का प्रस्ताव

जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश सरकार ने सात दिन पहले केंद्र सरकार को तीसरी बार प्रस्ताव भेजा है जिसमें दोधन डैम से निकलने वाली 220 किलोमीटर लंबी नहर को पूरी तरह खत्म करके उसकी जगह सिर्फ 60 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइपलाइन और टनल बनाने की मांग की गई है। इस बदलाव से नहर की लागत तीन हजार करोड़ रुपये से बढ़कर बारह हजार करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगी। सूत्रों के अनुसार एलाइनमेंट में यह भारी बदलाव सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि निवाड़ी के कलेक्टर, एसपी, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी बंगले और छतरपुर, टीकमगढ़ तथा निवाड़ी जिलों की करीब चालीस पॉश निजी कॉलोनियां बच जाएं। पुराने एलाइनमेंट में ये सभी कॉलोनियां और करीब सौ गांव नहर की जद में आ रहे थे। राज्य सरकार ने अपने प्रस्ताव में लिखा है कि इतने बड़े पैमाने पर विस्थापन कराना अत्यंत जटिल और समय लेने वाला होगा, इसलिए पूरा डिजाइन ही बदल दिया जाए।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि “केन–बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का एलाइनमेंट दो साल में दूसरी बार बदला गया। 3,000 करोड़ की प्रारंभिक लागत अब फिसलकर 12,000 करोड़ तक पहुँच गई है। इतने वर्षों के बाद भी परियोजना की स्थिति अव्यवस्थित और अस्पष्ट ही है। डबल इंजन की सरकार जनता की गाढ़ी कमाई पर पानी फेर रही है। हर बार नया बजट, हर बार नई लागत, और जवाबदेही कहीं नहीं।” उन्होंने बीजेपी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश में सिर्फ भ्रष्टाचार और कर्ज़ ही दिन दोगुनी-रात चौगुनी तरक्की कर रहे हैं और यहां जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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