15 दिन और बढ़ा भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़ा, मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने दिए निर्देश

भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े में अब तक 33 लाख 6 हजार 664 अभिलेखों में विभिन्न प्रकार की त्रुटियों को सुधारा गया

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एक नवम्बर से चल रहे भू अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े को राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) ने 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है।  अब ये पखवाड़ा 30 नवम्बर तक चलेगा।  मंत्रालय में समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने इस आशय के निर्देश दिए।

दरअसल, प्रदेश की जनता की सुविधा के लिए प्रारंभ किए गए राजस्व विभाग के नवाचार भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े (Land record purification fortnight) में राजस्व से जुड़ी विभिन्न त्रुटियों के सुधार को लेकर जनता में बढ़ती रूचि को ध्यान में रखते हुए राजस्व मंत्री गोविन्द सिंहराजपूत ने मंत्रालय में विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान पखवाड़े की अवधि 16 नवंबर से 30 नवंबर तक बढ़ाने के निर्देश अफसरों को दिए। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी, प्रमुख राजस्व आयुक्त संजय गोयल, आयुक्त भू अभिलेख ज्ञानेश्वर पाटिल सहित विभाग के अन्य आला अधिकारी मौजूद थे।

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समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री गोविन्द राजपूत ने यह भी तय किया कि सरकार द्रारा प्रारंभ किए गए मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े की जमीनी हकीकत जानने के लिए वह संभागवार योजनाओं की समीक्षा करेंगे। राजस्व मंत्री ने तय किया है कि समीक्षा की शुरुआत मालवांचल के इंदौर से की जाएगी। इसके बाद ग्वालियर, जबलपुर, रीवा तथा अन्य संभागों में इन योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर से प्रारंभ किए गए भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े में अब तक 33 लाख 6 हजार 664 अभिलेखों में विभिन्न प्रकार की त्रुटियों को सुधारा गया। उन्होंने कहा कि त्रुटिपूर्ण अभिलेखों के कारण भूमि स्वामियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्व मंत्री के निर्देश विभाग द्व्रारा भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े की शुरुआत की गई।

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गौरतलब है कि राजस्व अभिलेखों में क्षेत्रीय शब्दों के उपयोग के कारण नामों में एकरूपता नहीं रहती थी। साथ ही अभिलेख में भूमि स्वामी के प्रचलित नाम और आधार-कार्ड में वास्तविक नाम भिन्नता के कारण नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों में भी क्षेत्रीय कर्मचारियों को परेशानी आती थी। बैंक से ऋण प्राप्त करने, प्रधानमंत्री किसान एवं फसल बीमा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का भी भूमिधारक लाभ नहीं ले पा रहे थे। जब इस तरह की परेशानियों से जूझ रही जनता ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अवगत कराया तो मुख्यमंत्री के निर्देश एवं राजस्व मंत्री की पहल पर अभिलेख शुद्धिकरण की शुरुआत की गई।

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विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़ा, ड्रोन सर्वेक्षण तथा मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के कार्यों में गति लाने के लिए राजस्व मंत्री श्री राजपूत ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए न्यायालय परिसर, तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालय तथा जिला पंचायत कार्यालय व कलेक्ट्रेट परिसर में डिस्पेले बोर्ड / फ्लैक्स लगाए जाएं। उन्होंने विभाग की योजनाओं से जुड़ी छोटी-छोटी फिल्में बनाकर सोशल मीडिया के माध्यस से प्रचार करने के निर्देश अफसरों को दिए। बैठक में राजस्व मंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जताई की आजादी के 70 साल बाद पहली बार मध्यप्रदेश में भूमि का कम्पयूटीराइज्ड रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। उन्होंने बैठक में अफसरों को निर्देश दिए की सभी योजनाओं की लगातार मानीटिरिंग के लिए जिले के कलेक्टरों को निर्देश जारी करें ताकि किसी प्रकार की कोताही ना हो। बैठक में श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत सीहोर और सागर जिले को प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए।