कमल पटेल
 भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में गौधन (Gaudhab) के संरक्षण और संवर्धन के लिए किये जा रहे प्रयासों की कड़ी में अब “गौ कैबिनेट” (Gau Cabinet)  भी शामिल हो गई है।  गौ कैबिनेट के गठन की जानकारी  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj singh chouhan) ने खुद ट्वीट कर  दी है। “गौ कैबिनेट” (Cow Cabinet) में पशुपालन, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, गृह और कृषि एवं  किसान कल्याण विभाग शामिल होंगे। “गौ कैबिनेट” के गठन के फैसले को स्वागत योग्य कदम बताते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि इससे ना सिर्फ गौमाता का और गौधन का संरक्षण होगा बल्कि उनकी सुरक्षा भी होगी।  उन्होंने कहा कि हमारी सरकार  इस साल चार हजार गौशालाओं का निर्माण  भी कराएगी।   “गौ कैबिनेट”  की पहली बैठक गोपाष्टमी के दिन 22 नवंबर को दोपहर 12 बजे गौ अभ्यारण सालरिया आगर मालवा में आयोजित की जाएगी।

प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल (Agriculture Minister Kamal Patel) ने”गौ कैबिनेट” के गठन के फैसले को लेकर कहा कि  गौधन संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  “गौ कैबिनेट” का गठन किया है ये स्वागत योग्य कदम है।   इससे मप्र में हमारी  गौ माता है उसकी सुरक्षा, उसका संरक्षण संवर्धन होगा।  उन्होंने कहा कि हमारी सरकार  की पहली प्राथमिकता है कि हम गौ माता की रक्षा करें इसलिए पहले भी हमारी सरकार  ने गौ हत्या पर रोक लगाई और कठोर कानून बनाया, लेकिन उसके बावजूद सड़कों पर जो गौ माता घूमती हैं उससे दुर्घटनाएं होती हैं, लोग घरों में खलिहानों में गौ माता को नहीं रखते सड़क पर छोड़ देते हैं जिससे दुर्घटना में कई बार उसकी मृत्यु भी होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर गौ संरक्षण के लिये गौ शालाओं का निर्माण भी  किया जा रहा है , चार हजार गौशाला तो इसी  साल बनेंगी।  कृषि मंत्री ने कहा कि जब मैं राजस्व मंत्री था  तब मैंने कैबिनेट में ये विषय उठाया था कि प्रदेश में 33 हजार ग्राम पंचायतें  हैं और सभी  में  एक एक गौ शाला होनी चाहिए।  उसके लिए पांच से दस एकड़ जमीन  आरक्षित की गई थी और कलेक्टर को ये अधिकार दिए थे कि गौ संवर्धन बोर्ड  में रजिस्ट्रेशन कराने वाली समिति को निशुल्क जमीन उपलब्ध  कराएं जिससे उस क्षेत्र के गौधन हुए गौमाता का संरक्षण किया जा सकेगा।  उन्होंने कहा कि  गौधन संरक्षण हमारी सरकार की प्राथमिकता है इसलिए प्रदेश में नई गौशालाओं का निर्माण होगा।