तेंदुए का शिकार करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, मुखबिरों की सूचना पर हुआ खुलासा

सिंगरौली। राघवेन्द्र सिंह गहरवार।

सिंगरौली जिले में भी वन प्राणियों की जान सुरक्षित नही है। एक तरफ लगातार खदानों के कारण जंगल में पेड़ो को काटकर नष्ट किया जा रहा है। वही कुछ शिकारी वन्य प्राणियों का शिकार करने से बाज नही आ रहे है। आज वन विभाग की टीम ने तेंदुए का शिकार करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आपको बता दे कि मुखबिरो से सूचना पर वन परिक्षेत्र अधिकारी माड़ा,बैढन और सरई की टीम ने सुबह 6 बजे गेंदालाल पिता दादू लाल विश्वकर्मा निवासी ओखरावल के घर जब तलाशी लिया गया। तलाशी के दौरान गौशाला में प्लास्टिक की बोरी में तेंदुए का खाल मिला। जिसके बाद गेंदलाल से वन विभाग की टीम ने पूछताछ किया तो पता चला कि उसके रिश्तेदारो द्वारा रंजिशवस उसे फसाने के लिए गेंदलाल के गौशाला में तेंदुए का खाल रखा था। जिसमे कांता विश्वकर्मा पिता भैया लाल विश्वकर्मा निवासी धिरौली थाना सरई, भगवानदास विश्वकर्मा पिता राम लल्लू विश्वकर्मा निवासी ओखरावल थाना माड़ा और किसुन विश्वकर्मा पिता राजलाल विश्वकर्मा निवासी ओखरावल के द्वारा उसे फसाने के उद्देश्य से उसके गौशाला में खाल रखा गया है। जिसके बाद वन विभाग की टीम बिना देर किए अलग अलग टीम बनाकर तीनो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

जिसके बाद तीनों आरोपियों से पूछ ताछ की गई तो इन तीनो ने बताया कि वो लोग गेंदलाल को फसाने के लिए एक दिन पूर्व उसके गौशाला में तेंदुए की खाल रख दिये थे। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि उन्हें ये खाल कहा से मिली तो उन्होंने बताया कि अर्जुन सिंह गोंड पिता जगमोहन सिंह गोंड निवासी धिरौली से उन लोगो ने खाल खरीदी है। जिसके बाद वन विभाग की टीम द्वारा अर्जुन सिंह को पकड़ा गया जहाँ अर्जुन सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसने ये खाल 10 हजार रुपये में बुधलाल सिंह गोंड पिता मोहर सिंह गोंड से निवासी धिरौली से खरीदा है। इसके बाद एक बार फिर वन विभाग के अधिकारियों द्वारा टीम बनाकर घेराबंदी मर बुधलाल सिंह गोंड को गिरफ्तार किया। जहाँ उसके घर की तलासी ली गई। आरोपी बुधलाल सिंह गोंड द्वारा पूछताछ में बताया कि आज से तीन साल पहले उसने तेंदुए का शिकार किया था। जिसकी खाल उसने अर्जुन सिंह को बेचा था।

वन विभाग के अधिकारियों द्वारा उक्त पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर तेंदुए का शिकार व व्यापार करने के कारण अपराध क्र. 129/09 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2 (2,16,21,35,36),9,39,44,49 (क,ख), 50,51,52,57 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया वही आरोपियों के पास एक बंदूक सहित कई धार दार हथियार भी मिले है।

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