कोरोना योद्धा की मौत के बाद मिला 50 लाख का चेक, इधर सफाईकर्मी के परिजनों को मदद का इंतजार

इंदौर।आकाश धोलपुरे

इंदौर(indore) में कोरोना(corona) की जंग में शहीद हुए कोरोना योद्धा(corona warriors) के परिजनों को आज कोविड – 19 योद्धा कल्याण योजना के तहत 50 लाख रुपए की राशि का चेक(cheque) दिया गया। दरअसल, इंदौर में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक वार्ड बॉय(ward boy) की मौत कोरोना संक्रमण के चपेट में आने से बुधवार को हो गई थी जिसके बाद उनके परिजनों को तुरंत क्वांरन्टीन(quarantine) किया गया था। जानकारी के मुताबिक कैंसर अस्पताल(cancer hospital) के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की बुधवार रात को कोरोना से मौत हो गई थी। वह पिछले कुछ दिनों से कोरोना पॉजिटिव(corona positive) होने के बाद एमआर टीबी अस्पताल में भर्ती था।

कोरोना काल के दौरान कोरोना योद्धा वॉर्ड बाय की ड्यूटी एमआरटीबी अस्पताल में लगाई गई थी और यही से वो संक्रमित हो गए। जिसके बाद बुधवार को कोरोना योद्धा ने दम तोड़ दिया था। आज कोरोना योद्धा के रिश्तेदारो को 50 लाख का चेक प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने दिया। बता दे कि कोरोना से जंग हार चुके चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी विजय चंदेल अस्पताल से काम कर घर लौटते थे जिसके चलते उनकी पत्नि भी कोरोना संक्रमण से ग्रसित है वही अन्य परिजन भी स्वास्थ्य विभाग की देख रेख में है। हालांकि मंत्री तुलसी सिलावट ने पत्नि को नौकरी दिए जाने का आश्वासन भी दिया है। दरअसल, विजय चंदेल 1995 में पिता की मौत के बाद अनुकम्पा नियुक्ति के बाद कार्यरत थे।

इधर, इंदौर के राजमोहल्ला में रहने वाली एक महिला सफाईकर्मी की भी मौत भी कोरोना संक्रमण के चलते शुक्रवार सुबह हो गई है। बताया जा रहा है कि कोरोना योद्धा के तौर पर इंदौर को स्वच्छ रखने में महती भूमिका अदा करने वाली शकुंतला पति श्यामलाल चांवरे शहर के जोन क्रमांक 2 वार्ड 6 में सफाई सरंक्षक के पद पर पदस्थ थी और कार्य के दौरान वो कोरोना की चपेट में आ गई। कोरोना योद्धा स्वच्छता सैनिक महिला सफाईकर्मी को भी कोविड – 19 योद्धा कल्याण योजना के तहत राशि दी जानी बाकी है जिसकी जानकारी निगम प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को भेजी जा रही है। फिलहाल, इंदौर में योद्धाओं का संघर्ष कोरोना के खिलाफ जारी है वही कोरोना अब डॉक्टर और पुलिस के बाद सफाईकर्मियों पर भी निशाना साध रहा है। ऐसे में जरूरत है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कोरोना से बचाव के लिए पीपीई किट, मास्क, सेनेटाइजर सहित ग्लब्ज भी मुहैया करवाये जाये जिसकी मांग लगातार नगर निगम में स्थित अलग अलग संगठनो द्वारा की जा रही है।इंदौर में कोरोना योद्धा की मौत के बाद 50 लाख का चेक दिया गया, इधर महिला सफाईकर्मी की मौत के बाद परिजनों को मदद का इंतजार। इंदौर. इंदौर में कोरोना की जंग में शहीद हुए कोरोना योद्धा के परिजनों को आज कोविड – 19 योद्धा कल्याण योजना के तहत 50 लाख रुपए की राशि का चेक दिया गया। दरअसल, इंदौर में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक वार्ड बॉय की मौत कोरोना संक्रमण के चपेट में आने से बुधवार को हो गई थी जिसके बाद उनके परिजनों को तुरंत क्वांरन्टीन किया गया था।

जानकारी के मुताबिक कैंसर अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की बुधवार रात को कोरोना से मौत हो गई थी। वह पिछले कुछ दिनों से कोरोना पॉजिटिव होने के बाद एमआर टीबी अस्पताल में भर्ती था।कोरोना काल के दौरान कोरोना योद्धा वॉर्ड बाय की ड्यूटी एमआरटीबी अस्पताल में लगाई गई थी और यही से वो संक्रमित हो गए। जिसके बाद बुधवार को कोरोना योद्धा ने दम तोड़ दिया था। आज कोरोना योद्धा के रिश्तेदारो को 50 लाख का चेक प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने दिया। बता दे कि कोरोना से जंग हार चुके चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी विजय चंदेल अस्पताल से काम कर घर लौटते थे जिसके चलते उनकी पत्नि भी कोरोना संक्रमण से ग्रसित है वही अन्य परिजन भी स्वास्थ्य विभाग की देख रेख में है। हालांकि मंत्री तुलसी सिलावट ने पत्नि को नौकरी दिए जाने का आश्वासन भी दिया है। दरअसल, विजय चंदेल 1995 में पिता की मौत के बाद अनुकम्पा नियुक्ति के बाद कार्यरत थे। इधर, इंदौर के राजमोहल्ला में रहने वाली एक महिला सफाईकर्मी की भी मौत भी कोरोना संक्रमण के चलते शुक्रवार सुबह हो गई है।

बताया जा रहा है कि कोरोना योद्धा के तौर पर इंदौर को स्वच्छ रखने में महती भूमिका अदा करने वाली शकुंतला पति श्यामलाल चांवरे शहर के जोन क्रमांक 2 वार्ड 6 में सफाई सरंक्षक के पद पर पदस्थ थी और कार्य के दौरान वो कोरोना की चपेट में आ गई। कोरोना योद्धा स्वच्छता सैनिक महिला सफाईकर्मी को भी कोविड – 19 योद्धा कल्याण योजना के तहत राशि दी जानी बाकी है जिसकी जानकारी निगम प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को भेजी जा रही है। फिलहाल, इंदौर में योद्धाओं का संघर्ष कोरोना के खिलाफ जारी है वही कोरोना अब डॉक्टर और पुलिस के बाद सफाईकर्मियों पर भी निशाना साध रहा है। ऐसे में जरूरत है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कोरोना से बचाव के लिए पीपीई किट, मास्क, सेनेटाइजर सहित ग्लब्ज भी मुहैया करवाये जाये जिसकी मांग लगातार नगर निगम में स्थित अलग अलग संगठनो द्वारा की जा रही है।