भिण्ड, गणेश भारद्वाज। आपने नकली पुलिस बनने की खबरिन तो ज़रूर सुनी होगी पर भिण्ड में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक व्यक्ति फर्जी जज बने करीब एक साल से लोगों को गुमराह कर रहा था। जिसे भिण्ड जिला पुलिस ने धरदबोचा। बतादें कि इस फर्जी जज के घर के बाहर भी न्यायाधीश के नाम से नेम प्लेट लगी हुई थी। इसके पास से पुलिस ने जज लिखे विजिटिंग कार्ड, गाड़ी पर जज लिखी हुई प्लेट एवं अन्य सामग्री जब्त की है। यह युवक ना केवल अन्य लोगों को गुमराह कर रहा था बल्कि इसने अपने माता-पिता, पत्नी को भी यही बताया हुआ था कि वह जज बन गया है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर डीएसपी मोतीलाल कुशवाहा ने फर्जी जज को पकड़ा है।

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दरअसल भिण्ड जिला पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह को सूचना प्राप्त हुई थी कि एक युवक भिण्ड में फर्जी जज बनकर घूम रहा है। जबकि उसका चयन कहीं भी न्यायाधीश की पोस्ट पर नहीं हुआ है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक द्वारा डीएसपी मोतीलाल कुशवाहा को इस बात की तस्दीक करने के लिए जिम्मा सौंपा गया, डीएसपी ने जांच में पाया कि उत्तर प्रदेश के कन्नौज का रहने वाला दीपक सिंह भदौरिया वास्तव में न्यायाधीश के नाम का फर्जी तरीके से उपयोग कर रहा था। असलियत में ना ही उसका कहीं सिलेक्शन हुआ था और ना ही भिण्ड जिले में न्यायाधीशों की सूची में कहीं उसका नाम था। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उन्होंने इस युवक को पकड़ा है।

घर वालों को भी बनाया बेवक़ूफ़
युवक ने लोगों को ही नहीं बल्कि अपने घर पर माता-पिता, पत्नी एवं दो बच्चियों को यही बता रखा था कि उसका चयन न्यायाधीश की पोस्ट पर एक साल पहले हो चुका है। जबकि दीपक सोलंकी नामक युवक का चयन न्यायाधीश की पोस्ट पर हुआ था और उसी को इसने अपना चयन बता कर घर वालों को भी गुमराह किया। उसने भिण्ड में स्वतंत्र नगर स्थित अपने किराए के मकान पर भी न्यायाधीश लिखवा रखा था। जबकि कार पर लगी प्लेट पर भी न्यायाधीश लिखा हुआ था। इसके साथ ही इसके पास से न्यायाधीश का विजिटिंग कार्ड भी पुलिस को बरामद हुआ है, यही नहीं मोबाइल में फोटो खींचा हुआ एक हस्तलिखित एप्लीकेशन भी मिला है, जिसमें जिला जज को छुट्टी के लिए आवेदन लिखा हुआ है। पुलिस ने फिलहाल युवक को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि न्यायाधीश पद का दुरुपयोग कर यह लोगों को ठगने का काम भी करता था। टोल टैक्स पर पद का दुरुपयोग कर गाड़ी निकालता था। इसके साथ ही अन्य ठगी की वारदात भी पुलिस के संज्ञान में आई हैं। पुलिस फिलहाल इसकी तस्दीक कर रही है।

जज की परीक्षा में नहीं हो पाया था पास
जब इस युवक से हमने पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने कानपुर से बीए एलएलबी किया हुआ है और उसने 2019 में जज की पोस्ट के लिए अप्लाई किया था। लेकिन वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सका। लेकिन घरवालों को उसने बता दिया कि वह जज बन गया है और भिण्ड में पदस्थ है। ऐसे में घर वाले भी यही यकीन कर रहे थे कि उनका बेटा अथवा पति अथवा पिता जज है। अब जब मामले का खुलासा हुआ है तो घर वालों पर क्या बीत रही होगी यह तो उनका दिल ही बता सकता है।

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