कुख्यात “विकास दुबे” की गिरफ्तारी के बाद गरमाई सियासत, विपक्ष ने कहा- यह शरण और सरेंडर का खेल

भोपाल।

उत्तर प्रदेश के कुख्यात और 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी विकास दुबे(vikas dubey) गुरुवार सुबह उज्जैन(ujjain) में पकड़ा गया। विकास दुबे के कस्टडी(custody) में आने के बाद से पूरे देश भर में राजनीति शुरू हो गई है। जहां एक तरफ विकास का आत्मसमर्पण करना एक बड़ा सवाल बना हुआ है। वहीं दूसरी तरफ शिवराज सरकार(shivraj government) द्वारा अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह गिरफ्तारी है या आत्मसमर्पण। इसी बीच कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा(PC Sharma) ने अपराधी विकास दुबे की गिरफ्तारी पर बड़ा बयान दिया है। पीसी शर्मा ने साफ कहा है कि यह शरण और सरेंडर का खेल है। पीसी शर्मा ने कहा कि जहां सरेंडर हुआ “विकास” वहां की दाल में काला नहीं , पूरी दाल ही काली है।

दरअसल एक के बाद एक ट्वीट करते हुए पीसी शर्मा ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। पीसी शर्मा ने कहा कि जहां सरेंडर हुआ “विकास” वहां की दाल में काला नहीं , पूरी दाल ही काली है। पीसी शर्मा ने बीजेपी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह कल ही खबर आ रही थी कि वह झांसी बार्डर से मध्य प्रदेश की सीमा में घुसा है। मध्य प्रदेश चारागाह बन गई है इस प्रकार के गैंगस्टरों के लिए। कानून व्यवस्था यहां पर ध्वस्त है। पीसी शर्मा ने ये भी कहा कि जिस प्रकार से हमने देखा भोपाल में दो इंजिनियरिंग के छात्रों की हत्या हो जाती है।मुझे लगता है यह शरण और सरेंडर का खेल है। उसके उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से संबंध रहे हैं और मध्य प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से संबंध हैं। इसलिए वो मध्य प्रदेश आया और उज्जैन में पकड़ा गया। यह शरण और सरेंडर का खेल लग रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार के अपराध उसने किये हैं , इसकी पूरी जांच होना चाहिए कि उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में किन किन नेताओं से उसके संबंध रहे हैं। जिन लोगों ने शरण दी है उन्हीं ने सरेंडर करवाया होगा।

बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भी प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर निशाना बनाते हुए कहा था कि मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा यूपी चुनाव में कानपुर के प्रभारी थे। आगे आप समझदार है। इस हिसाब से विपक्ष इस गिरफ्तारी का सीधा सीधा संबंध भारतीय जनता पार्टी से जोड़ रही हैं।

हालांकि यह मामला सिर्फ मध्यप्रदेश तक ही सीमित नहीं है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले में सरकार को घेरा है। अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा था कि खबर आ रही है कि कानपुर कांड का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। उन्होंने शिवराज सरकार से ये यह साफ करने को कहा था कि आत्मसमर्पण है अथवा गिरफ्तारी। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने आरोपी विकास दुबे के मोबाइल की सीडीआर सार्वजनिक करने की भी मांग की है जिससे इस मामले में जिसकी भी संलिप्तता है। उसके मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।